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सेंसेक्स 1100 अंक गिरा, निफ्टी 23800 के नीचे

सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट, वैश्विक मार्केट के दबाव में

आज के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट आई है, जो वैश्विक मार्केट के दबाव के कारण है। कच्चा तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी फेड के ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले ने दुनिया भर के बाजारों पर दबाव बनाया है।

  • कच्चा तेल की कीमतें $120 प्रति बैरल के भाव पर पहुंच गई हैं, जिससे महंगाई बढ़ने की रफ्तार और राजकोषीय संतुलन को लेकर चिंता बढ़ी है।
  • अमेरिकी फेड के ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले ने दुनिया भर के बाजारों पर दबाव बनाया है।
  • विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने मार्केट में निगेटिव माहौल बनाया है, जिससे निवेशक घबरा गए और ताबड़तोड़ शेयर बेचने लगे।
  • India VIX में उछाल ने मार्केट में बढ़ती अनिश्चितता का संकेत दिया है।

यह गिरावट निफ्टी 50 और सेंसेक्स के लिए भी खतरनाक है, जो 23,822.50 और 76,345.14 पर हैं। यह गिरावट सेक्टरवाइज भी देखी जा रही है, जिसमें हर सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स लाल है।

यह गिरावट क्यों महत्वपूर्ण है? यह इसलिए क्योंकि यह वैश्विक मार्केट के दबाव को दर्शाता है, जो भारतीय स्टॉक मार्केट को भी प्रभावित कर रहा है। यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का कारण है, जो अपने पोर्टफोलियो की सुरक्षा के बारे में चिंतित हैं।

Why Market Fall: वैश्विक मार्केट से कमजोर संकेतों के बीच घरेलू स्टॉक मार्केट भी आज ढह गया। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) में करीब डेढ़ फीसदी की गिरावट आ गई। सिर्फ यही नहीं, स्मॉलकैप और मिडकैप के भी निफ्टी इंडेक्स भी डेढ़ फीसदी से अधिक की फिसलन है। सेक्टरवाइज बात करें तो हर सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स लाल है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 11:00 AM पर निफ्टी 355.15 प्वाइंट्स यानी 1.47% की गिरावट के साथ 23,822.50 और सेंसेक्स 1151.22 प्वाइंट्स यानी 1.49% की फिसलन के साथ 76,345.14 पर है। इंट्रा-डे में निफ्टी 23,799.05 और सेंसेक्स 76,258.86 तक आ गया था।

Why Market Falls: 10 मुख्य वजह

कच्चा तेल उछलकर प्रति बैरल $120 के भाव पर पहुंचा तो इसने हाहाकार मचा दिया। कच्चे तेल की उबाल ने महंगाई बढ़ने की रफ्तार, राजकोषीय संतुलन और करेंसी की स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है जिसने इक्विटी में रिस्क लेने की क्षमता को सीमित किया है।

अमेरिकी फेड के ब्याज दरों को स्थिर रखने फैसले ने दुनिया भर के बाजारों पर दबाव बनाया। एनर्जी की बढ़ती कीमतों की आशंका पर अमेरिका से लेकर एशिया के अधिकतर बाजारों के मार्केट धड़ाम हो गया जिसकी आंच घरेलू स्टॉक मार्केट में भी महसूस हुई।

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

बुधवार 29 अप्रैल को लगातार आठवें कारोबारी दिन FIIs ने खरीदारी से अधिक बिकवाली की जिसने मार्केट में निगेटिव माहौल बनाया।

मार्केट की घबराहट को मापने वाले India VIX में उछाल ने मार्केट में बढ़ती अनिश्चितता का संकेत दिया तो निवेशक घबरा गए और ताबड़तोड़ शेयर बेचने लगे। India VIX की बात कराई यह 5% से अधिक उछलकर 18 के पार चला गया।

सभी सेक्टर की बिकवाली ने बनाया दबाव

आज जब मार्केट खुला तो शुरुआती करोबार में चौतरफा बिकवाली शुरू हो गई। पीएसयू बैंक, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के निफ्टी इंडेक्स 2-2% से अधिक फिसल गए तो ऑटो, एफएमसीजी, प्राइवेट बैंक और रियल्टी के भी निफ्टी इंडेक्स में डेढ़-डेढ़ फीसदी से अधिक की गिरावट आई।

Sensex की मंथली एक्सपायरी

आज सेंसेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट की मंथली एक्सपायरी है। सिर्फ यही नहीं, आज बीएसई के सभी इंडेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट की मंथली एक्सपायरी है। इसने मार्केट में हलचल काफी बढ़ा दी है।

इंफ्लेशन यानी महंगाई बढ़ने की रफ्तार को लेकर केंद्रीय बैंको का नजरिया सतर्क हुआ तो बॉन्ड यील्ड बढ़ गई जिसने इक्विटी मार्केट की चमक फीकी कर दी।

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की न्यूक्लियर डील होने तक नाकेबंदी जारी रहने और ईरान ने मिलिट्री एक्शन की चेतावनी दी तो इससे स्टॉक मार्केट में घबराहट बढ़ी।

कच्चे तेल ने भारतीय करेंसी पर ऐसा दबाव बनाया कि एक डॉलर का भाव ₹95.26 तक फिसल गया। 30 मार्च के बाद पहली बार यह 95 के पार गया है।

अमेरिकी फेड में मतभेद

अमेरिका के फेडरल रिजर्व पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन इस बार साल 1992 के बाद से सबसे ज़्यादा मतभेद दिखे, जिसमें तीन अधिकारियों ने गाइडेंस पर असहमति जताई, जिससे नरमी की ओर झुकाव का संकेत मिलता रहा।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।

यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।

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