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ध्यान देने वाली बातें
- Market outlook: मेटल,रियल्टी,इंफ्रास्ट्रक्चर और फार्मा इंडेक्स में लगभग 0.5–1% की बढ़त देखी गई।
- जबकि IT,मीडिया और PSU बैंक इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए।
- Market outlook: दिन भर की उठा-पटक के बावजूद,4 मई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए।
- निफ्टी 24,100 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा।
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Market outlook: दिन भर की उठा-पटक के बावजूद,4 मई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,100 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 355.90 अंक या 0.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,269.40 पर और निफ्टी 121.75 अंक या 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,119.30 पर बंद हुआ।
निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त हासिल करने वाले शेयरों में अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन,अडानी एंटरप्राइजेज,आयशर मोटर्स,रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो फाइनेंशियल शामिल रहे। दूसरी ओर गिरावट वाले शेयरों में भारती एयरटेल,कोटक महिंद्रा बैंक,डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज,ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज शामिल रहे।
सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो मेटल,रियल्टी,इंफ्रास्ट्रक्चर और फार्मा इंडेक्स में लगभग 0.5–1% की बढ़त देखी गई। जबकि IT,मीडिया और PSU बैंक इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। इस बीच,छोटे-मझोले शेयरों का रुख भी सकारात्मक रहा। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में लगभग 0.5% की बढ़त दर्ज की गई।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनावों के अनुकूल नतीजों और उम्मीद से बेहतर Q4 रिजल्ट्स से निवेशकों का भरोसा बना रहा। इससे बाज़ार मध्य-पूर्व से जुड़ी चिंताओं को नज़रअंदाज़ कर पाया। हालाकि, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को फिर से खोलने के लिए अमेरिका की “प्रोजेक्ट फ़्रीडम” पहल को लेकर बनी अनिश्चितता के चलते बीच-बीच में मुनाफ़ावसूली भी जारी रही।
सेंट्रम फिनवर्स में तकनीकी और डेरिवेटिव रिसर्च के हेड और वाइस प्रेसीडेंट नीलेश जैन का कहना है कि निफ्टी ने गैप-अप के साथ शुरुआत की लेकिन 24,200 के स्तर से ऊपर टिक नहीं पाया और आखिरकार अपने 50-DMA के पास,जो लगभग 24,110 पर है,आकर बंद हुआ। निफ्टी के लिए अब तत्काल मनोवैज्ञानिक सपोर्ट 24,000 पर दिख रहा है। इसके बाद 23,900 पर 21-DMA है, जो इसके लिए अगले सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है। 24,500 के स्तरों की ओर बढ़त को बनाए रखने के लिए निफ्टी को 24,200 से ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट देना होगा।
वोलाटिलिटी की बात करें तो फीयर इंडेक्स इंडिया विक्स इस हफ़्ते लगभग 1% गिरकर 18 के आसपास बंद हुआ। अगर वोलाटिलिटी में और भी गिरावट आती है तो बुलिश मोमेंटम को सपोर्ट मिल सकता है। जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर बना रहता है, तब तक इसका रुझान अच्छा बना रहेगा। हालांकि, नियर टर्म में कुछ कंसोलीडेशन से इनकार नहीं किया जा सकता।
एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का कहना है कि आगे Nifty के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24250-24300 ज़ोन में है। इस ज़ोन के ऊपर कोई भी टिकाऊ चाल Nifty को 24450 की ओर और उसके बाद नियर टर्म में 24600 की ओर अपना पुलबैक बढ़ाने में मदद कर सकती है। दूसरी ओर, Nifty के लिए तत्काल सपोर्ट 23980-23950 ज़ोन में है।
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सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी ने भी आज निफ्टी जैसा ही प्राइस एक्शन दिखाया। इसने एक पतली बॉडी वाली कैंडल बनाई, जिसमें ऊपर की तरफ एक साफ़ विक (wick) थी। इससे ऊंचे लेवल पर रिजेक्शन की बात और पक्की हो गई। बिकवाली का दबाव 20 डे EMA के साथ मेल खा रहा था और इंडेक्स का इस अहम शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर टिक न पाना आने वाले समय में कमजोरी का संकेत देता है।
आगे चलकर,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 54400-54300 के ज़ोन में है। अगर इंडेक्स लगातार इस ज़ोन के नीचे बना रहता है तो इसकी कमजोरी बढ़कर 53900 तक जा सकती है और उसके बाद शॉर्ट-टर्म में 53500 तक पहुंच सकती है। दूसरी तरफ,55300–55400 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।
LKP सिक्योरिटीज में टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी को 55500–55600 के रेजिस्टेंस ज़ोन के पास रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही RSI में बेयरिश क्रॉसओवर देखने को मिला और डेली चार्ट पर एक बेयरिश कैंडलस्टिक बनी। यह सेटअप इंडेक्स में उभरती कमज़ोरी का संकेत है और नियर टर्म में सतर्क रुख अपनाने का सुझाव देता है।
जब तक कि इंडेक्स 56200 के स्तर से नीचे बना रहता है ट्रेडर्स को ‘सेल ऑन राइज़'(उछाल पर बिकवाली) का तरीका अपनाना चाहिए । नीचे की तरफ,54200 का स्तर तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। जबकि 55300–55500 का ज़ोन एक मज़बूत रेजिस्टेंस एरिया बना हुआ है।
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यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।