एलआईसी के दो जीवन बीमा प्लान: जीवन उमंग और जीवन उत्सव की तुलना
बाजार की अनिश्चितताओं से दूर, एक ऐसा बीमा प्लान जो हर साल एक निश्चित आय प्रदान करे, यह कई लोगों की चाहत होती है। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के दो ऐसे ही प्लान हैं – जीवन उमंग (Jeevan Umang) और जीवन उत्सव (Jeevan Utsav)। ये दोनों ही प्लान 100 वर्ष की आयु तक जीवन भर का जोखिम कवरेज प्रदान करते हैं। साथ ही, इनमें अतिरिक्त राइडर्स जोड़कर लाभ बढ़ाने का विकल्प भी उपलब्ध है। इस लेख में, हम इन दोनों पॉलिसियों की विशेषताओं को विस्तार से समझेंगे और तुलनात्मक उदाहरणों के माध्यम से यह जानने का प्रयास करेंगे कि आपकी आवश्यकताओं के लिए कौन सा प्लान बेहतर हो सकता है।
जीवन उमंग: एक विस्तृत अवलोकन
एलआईसी का जीवन उमंग प्लान 0 से 55 वर्ष की आयु के व्यक्तियों के लिए उपयुक्त है। इस प्लान में न्यूनतम ₹2 लाख की पॉलिसी ली जा सकती है, जबकि अधिकतम राशि की कोई सीमा नहीं है। प्रीमियम भुगतान की अवधि के लिए 15, 20, 25 और 30 वर्ष के विकल्प उपलब्ध हैं। हालांकि, पॉलिसी की अवधि चुनने में कुछ आयु-संबंधी प्रतिबंध हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, दो साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 15 साल की प्रीमियम भुगतान अवधि का विकल्प उपलब्ध नहीं है, और 55 वर्ष की आयु वाले पॉलिसीधारक के लिए केवल 15 साल तक प्रीमियम भरने का विकल्प ही सीमित है। प्रीमियम का भुगतान आप अपनी सुविधानुसार वार्षिक, अर्ध-वार्षिक, त्रैमासिक या मासिक आधार पर कर सकते हैं।
प्रीमियम भुगतान अवधि समाप्त होने के बाद, पॉलिसीधारक को पॉलिसी की अवधि के अंत तक, यानी 100 वर्ष की आयु तक, हर साल मूल बीमा राशि (Sum Assured) का 8% एक निश्चित आय के रूप में प्राप्त होता रहेगा। पॉलिसी लेने के एक साल बाद लोन की सुविधा उपलब्ध हो जाती है, और एक साल बाद पॉलिसी को सरेंडर भी किया जा सकता है। यदि पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाती है, तो नॉमिनी को मूल बीमा राशि, बोनस और अंतिम अतिरिक्त बोनस (FAB) का भुगतान किया जाता है। मृत्यु पर मिलने वाली मूल बीमा राशि, मूल बीमा राशि या वार्षिक प्रीमियम के सात गुना में से जो भी अधिक हो, वह होती है।
जीवन उत्सव: एक विस्तृत अवलोकन
दूसरी ओर, एलआईसी का जीवन उत्सव प्लान 0 से 65 वर्ष की आयु के व्यक्तियों के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस प्लान में न्यूनतम ₹5 लाख की पॉलिसी ली जा सकती है, और अधिकतम राशि की कोई सीमा नहीं है। प्रीमियम भुगतान की अवधि 5 से 16 वर्ष तक हो सकती है, जो कुछ मामलों में पॉलिसीधारक की आयु पर भी निर्भर करती है।
जीवन उत्सव में भी प्रीमियम का भुगतान वार्षिक, अर्ध-वार्षिक, त्रैमासिक या मासिक आधार पर किया जा सकता है। प्रीमियम भुगतान अवधि समाप्त होने के दो साल बाद से, पॉलिसीधारक को 100 वर्ष की आयु तक हर साल मूल बीमा राशि का 10% एक निश्चित आय के रूप में प्राप्त होता रहेगा। इस प्लान में भी 2 साल के बाद लोन की सुविधा उपलब्ध है, और 2 साल बाद पॉलिसी को सरेंडर भी किया जा सकता है। यदि पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाती है, तो नॉमिनी को मूल बीमा राशि और गारंटीड एडिशन ( Addition) का भुगतान किया जाता है। मृत्यु पर मिलने वाली मूल बीमा राशि, मूल बीमा राशि या वार्षिक प्रीमियम के सात गुना में से जो भी अधिक हो, वह होती है।
कौन सा प्लान बेहतर है? एक उदाहरण से समझें
आइए एक उदाहरण के माध्यम से दोनों पॉलिसियों के लाभों को समझते हैं। मान लीजिए कि आपकी आयु 35 वर्ष है और आपके बच्चे की आयु 8 वर्ष है। आप अपने बच्चे के नाम पर जीवन उमंग पॉलिसी लेते हैं, जिसमें मूल बीमा राशि ₹10 लाख और पॉलिसी अवधि 15 वर्ष है। वर्तमान दरों के अनुसार, इसका वार्षिक प्रीमियम ₹81,774 होगा, और 15 वर्षों में कुल ₹1,26,610 जमा होंगे। 15 वर्ष पूरे होने के बाद, यानी जब बच्चा 23 वर्ष का होगा, तब से लेकर 100 वर्ष की आयु तक उसे हर साल ₹96,000 मिलते रहेंगे। यदि 50 वर्ष की आयु में पॉलिसीधारक की प्राकृतिक मृत्यु हो जाती है, तो नॉमिनी को लगभग ₹56 लाख प्राप्त होंगे। यह राशि अनुमानित है और बोनस दरों के आधार पर थोड़ी भिन्न हो सकती है।
अब, यदि आप इसी स्थिति में जीवन उत्सव पॉलिसी लेते हैं, तो इसका वार्षिक प्रीमियम ₹66,173 होगा। 15 वर्षों में कुल ₹9,92,595 प्रीमियम के रूप में जमा होंगे। इसके बाद, दो साल के अंतराल के बाद, यानी जब बच्चा 25 वर्ष का होगा, तब से लेकर 100 वर्ष की आयु तक उसे हर साल ₹1 लाख क्रेडिट होते रहेंगे। यदि 50 वर्ष की आयु में पॉलिसीधारक की प्राकृतिक मृत्यु हो जाती है, तो नॉमिनी को लगभग ₹16 लाख प्राप्त होंगे।
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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।