LAMORC DIGITAL

2026 वेल्थ रिपोर्ट: अमेरिका में सबसे ज़्यादा अमीर

दुनिया भर में अमीरों की बढ़ती संख्या: 2026 वेल्थ रिपोर्ट का खुलासा

नाइट फ्रैंक वेल्थ रिपोर्ट 2026 के अनुसार, दुनिया भर में अल्ट्रा-रिच व्यक्तियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। 2021 में जहां ऐसे लोगों की संख्या 5.5 लाख थी, वहीं 2026 तक यह आंकड़ा बढ़कर 7.1 लाख से अधिक होने का अनुमान है। इसका मतलब है कि हर दिन औसतन 89 नए व्यक्ति इस उच्च-नेट-वर्थ श्रेणी में शामिल हो रहे हैं।

अमेरिका का दबदबा और भारत की उभरती स्थिति

रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राज्य अमेरिका अभी भी सबसे अधिक अल्ट्रा-रिच आबादी वाला देश बना हुआ है। यहां 30 मिलियन डॉलर (लगभग 250 करोड़ रुपये) से अधिक की संपत्ति वाले 2,51,352 व्यक्ति निवास करते हैं, जो किसी भी अन्य देश से काफी आगे है। इसके बाद चीन दूसरे स्थान पर है, जहां 1,21,677 अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (UHNWIs) हैं।

यूरोप के देश भी इस सूची में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हैं। जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस क्रमशः तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर काबिज हैं।

भारत की प्रभावशाली छलांग और भविष्य का अनुमान

भारत ने इस सूची में छठा स्थान हासिल किया है, जहां वर्तमान में लगभग 19,877 अल्ट्रा-रिच व्यक्ति हैं। यह संख्या 2021 में लगभग 12,000 थी, जो भारत में अमीरों की संख्या में तीव्र वृद्धि को दर्शाता है। रिपोर्ट का अनुमान है कि 2031 तक यह आंकड़ा 25,000 से अधिक हो सकता है।

भारत में अमीरों की संख्या बढ़ने के प्रमुख कारण

भारत में अल्ट्रा-रिच आबादी में वृद्धि के पीछे कई प्रमुख कारक बताए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, देश के टेक्नोलॉजी, शेयर बाजार और स्टार्टअप क्षेत्रों में हो रही तीव्र प्रगति ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अतिरिक्त, भारतीय अर्थव्यवस्था का समग्र विस्तार भी इस वृद्धि में एक अहम योगदान दे रहा है।

2026 में सबसे ज्यादा अल्ट्रा-रिच आबादी वाले टॉप 10 देश (अनुमानित)

  • संयुक्त राज्य अमेरिका – 2,51,352
  • चीन – 1,21,677
  • जर्मनी – 49,334
  • यूनाइटेड किंगडम – 27,876
  • फ्रांस – 25,581
  • भारत – 19,877
  • स्विट्जरलैंड – 17,692
  • इटली – 15,180
  • कनाडा – 13,775
  • ऑस्ट्रेलिया – 12,450

स्रोत: नाइट फ्रैंक वेल्थ रिपोर्ट 2026

Build a better, regular income stream with LAMORC DIGITAL. Join as our partner today.

Become Our Partner Now

पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।

यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top