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US ने भारत से सोलर इंपोर्ट पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने का पर

US ने भारत से सोलर इंपोर्ट पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने का पर को पढ़ते समय सबसे जरूरी बात यह है कि खबर के मुख्य तथ्य वही रहें, लेकिन पाठक को संदर्भ साफ और सरल भाषा में मिले।

अपडेट को आसान भाषा में समझें

पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।

ध्यान देने वाली बातें

  • कॉमर्स डिपॉर्टमेंट की वेबसाइट पर जारी एक फैक्ट शीट के अनुसार,एजेंसी ने भारत से होने वाले आयात पर 123.04% की प्रारंभिक शुल्क दरें (जिन्हें 'डंपिंग मार्जिन' के नाम से जाना…
  • भारतीय सोलर सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरर्स के लिए बुरी खबर है।
  • US ने सोलर पैनल इंपोर्ट पर शुरुआती एंटी डंपिंग ड्यूटी तय की है।
  • भारत,इंडोनेशिया और लाओस से आने वाले सोलर पैनल पर अमेरिका में एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगेगी।

LAMORC DIGITAL का संदर्भ

नीचे दिया गया विस्तृत हिस्सा मूल अपडेट की जानकारी को सुरक्षित रखते हुए रखा गया है, ताकि पाठक पूरी पृष्ठभूमि और जरूरी विवरण एक ही जगह देख सकें।

भारतीय सोलर सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरर्स के लिए बुरी खबर है। US ने सोलर पैनल इंपोर्ट पर शुरुआती एंटी डंपिंग ड्यूटी तय की है। भारत,इंडोनेशिया और लाओस से आने वाले सोलर पैनल पर अमेरिका में एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगेगी। इस खबर के चलते आज Waaree Energies, Indosolar, Vikram Solar में 4 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिल रही है। एशिया से होने वाले सोलर आयात पर पिछले एक दशक में लगाए गए शुल्कों की कड़ी में यह सबसे नया कदम है। इस फैसले के साथ,अमेरिकी संघीय व्यापार अधिकारियों ने घरेलू सोलर फ़ैक्टरी मालिकों का पक्ष लेते हुए यह पाया कि इन तीनों देशों में काम करने वाली कंपनियों ने अमेरिकी बाज़ार में सस्ते सामान की डंपिंग की है।

अमेरिकी कॉमर्स विभाग की वेबसाइट पर जारी एक फैक्ट शीट के अनुसार,एजेंसी ने भारत से होने वाले आयात पर 123.04%, इंडोनेशिया से होने वाले आयात पर 35.17% और लाओस से होने वाले आयात पर 22.46% की प्रारंभिक शुल्क दरें (जिन्हें ‘डंपिंग मार्जिन’ के नाम से जाना जाता है) तय की हैं।

अमेरिका के सरकारी ट्रेड आंकड़ों के अनुसार पिछले साल इन तीनों देशों का US सोलर आयात में 4.5 अरब डॉलर का हिस्सा था जो कुल आयात का लगभग दो-तिहाई है। यह फैसला उन देशों के उत्पादकों के लिए एक बड़ा झटका है जो तेज़ी से बढ़ते US बाजार में सामान की आपूर्ति कर रहे थे।

फिलहाल Waaree Energies के शेयर 4% गिरकर 3,283.3 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड कर है। जबकि Vikram Solar के शेयर 2.2% गिरकर 222.67 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहे हैं। एलायंस फॉर अमेरिकल सोलार मैन्युफैक्चरिंग एंड ट्रेड ने अमेरिकी सरकार के सामानें विदेशी कंपनियों पर ड्यूटी लगाने के लिए यह याचिका दायर की थी।

एलायंस ने एक बयान में कहा गया है कि शुरुआती नतीजों से इस बात की पुष्टि होती है कि इन देशों के निर्माता अमेरिकी बाज़ार में सोलर सेल और मॉड्यूल को अनुचित रूप से कम कीमतों पर डंप कर रहे हैं,जिससे अमेरिका में बने उत्पादों को नुकसान पहुंच रहा है और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक अहम मोड़ पर बाज़ार की प्रतिस्पर्धा बिगड़ रही है।

इस एलायंस को पहले भी दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों, जिनमें मलेशिया,कंबोडिया,वियतनाम और थाईलैंड शामिल हैं, से होने वाले आयात पर टैरिफ लगवाने में सफलता मिली है।

वाणिज्य विभाग ने कहा कि वह भारत और इंडोनेशिया से आने वाले सोलर सेल के संबंध में अपना अंतिम निर्णय 13 जुलाई को या उसके आस-पास घोषित करेगा, और लाओस से होने वाले आयात पर निर्णय 9 सितंबर को या उसके आस-पास सुनाएगा।

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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।

यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।

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