नेल्को के शेयरों में 13% की तेजी: क्या है इसका कारण?
टाटा ग्रुप की नेल्को के शेयरों ने आज रॉकेट बनकर 13% से अधिक उछल पड़े। यह तेजी मार्च तिमाही के धमाकेदार कारोबारी नतीजों के बाद आई है।
- नेल्को ने मार्च तिमाही में सालाना आधार पर घाटे से मुनाफे में आ गई है।
- कंपनी का रेवेन्यू 17.3% उछलकर ₹79.2 करोड़ पर पहुंच गया है।
- कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए हर शेयर पर ₹1 के फाइनल डिविडेंड को मंजूरी दी है।
यह तेजी निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर हो सकता है, लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि वे अपने निवेश के फैसले के लिए एक्सपर्ट से सलाह लें।
Tata Group Stocks: मार्च 2026 तिमाही के धमाकेदार कारोबारी नतीजे पर टाटा ग्रुप की नेल्को के शेयर आज रॉकेट बन गए और 13% से अधिक उछल पड़े। मार्च तिमाही में नेल्को सालाना आधार पर घाटे से मुनाफे में आई है। इस कारण आज जब मार्केट खुला तो निवेशक धड़ाधड़ शेयरों की खरीदने लगे। मांग बढ़ी तो शेयरों की चमक बढ़ी और दिसंबर 2024 के बाद से यानी करीब 16 महीने में इंट्रा-डे में सबसे तेज स्पीड से ऊपर चढ़े।
इससे पहले जब रिजल्ट आना था तो सोमवार को यह पांच कारोबारी दिनों की तेजी को थामते हुए डेढ़ फीसदी से अधिक गिरकर बंद हुआ था लेकिन अब जब धमाकेदार रिजल्ट आ गए तो यह उछल पड़ा। फिलहाल बीएसई पर 10:33 AM पर यह 10.06% की बढ़त के साथ ₹743.05 (NELCO Share Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 13.64% चढ़कर ₹767.25 तक पहुंच गया था।
कैसी रही NELCO की मार्च तिमाही?
पिछले वित्त वर्ष 2026 की आखिरी तिमाही जनवरी-मार्च 2026 में नेल्को सालाना आधार पर ₹4.1 करोड़ के घाटे से ₹1.1 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में आ गई। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी 17.3% उछलकर ₹79.2 करोड़ पर पहुंच गया। तिमाही नतीजे के साथ-साथ कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए हर शेयर पर ₹1 के फाइनल डिविडेंड को भी मंजूरी दी है।
एक साल में कैसी रही शेयरों ही हालत?
नेल्को के शेयरों ने निवेशकों को करारा शॉक दिया है और तेजी से निवेशकों की पूंजी आधे से अधिक डुबो दी। पिछले साल 17 जून 2025 को बीएसई पर यह ₹1161.50 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 9 ही महीने में यह 56.75% टूटकर 30 मार्च 2026 को यह ₹502.40 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।
कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें तो इसमें मार्च 2026 तिमाही तक के आंकड़ों के हिसाब से इसमें टाटा पावर की प्रमोटर के तौर पर 50.04% हिस्सेदारी है। इसके अलावा पब्लिक शेयरहोल्डर्स में बात करें तो यह सिर्फ एक म्यूचूअल फंड के पोर्टफोलियो में है, जिसके पास कंपनी के 29 शेयर हैं। इसके अलावा 27 विदेशी निवेशकों की होल्डिंग कंपनी में 4.72% है। खुदरा निवेशकों की बात करें तो ₹2 लाख तक के निवेश वाले 68,737 रिटेलर्स के पास कंपनी के 75,59,981 शेयर हैं जोकि कंपनी की 33.13% होल्डिंग के बराबर है।
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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।