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Stock Market Today: पूरी बात आसान भाषा में

भारतीय बाजार की दिशा और अंतरराष्ट्रीय संकेत

भारतीय इक्विटी बेंचमार्क की दिशा और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के संकेतों को समझने के लिए यहां कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं:

  • भारतीय इक्विटी बेंचमार्क, BSE सेंसेक्स और Nifty 28 अप्रैल को GIFT Nifty को ट्रैक करते हुए सपाट से निगेटिव शुरुआत कर सकते हैं।
  • ग्लोबल माहौल में सुधार के चलते, भारतीय इक्विटी बेंचमार्क ने कल लगातार तीन दिनों की गिरावट के क्रम को तोड़ते हुए लगभग 0.5% की बढ़त के साथ कारोबार बंद किया।
  • एशियाई बाजार मिलाजुला कारोबार कर रहे हैं, जिसमें जापान के निक्केई में 0.48 फीसदी की गिरावट और ताइवानी बाजार में 0.85 फीसदी की बढ़त दिख रही है।

पाठकों को यह जानना जरूरी है कि भारतीय बाजार की दिशा और अंतरराष्ट्रीय संकेतों को समझने से वे अपने निवेश के फैसले लेने में मदद मिल सकती है।

Market news: भारतीय इक्विटी बेंचमार्क, BSE सेंसेक्स और Nifty 28 अप्रैल को GIFT Nifty को ट्रैक करते हुए सपाट से निगेटिव शुरुआत कर सकते हैं। GIFT Nifty अभी लगभग 24,078.50 पर लाल निशान में ट्रेड कर रहा है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

ईरान द्वारा अमेरिका को स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को फिर से खोलने का प्रस्ताव दिए जाने की खबरों के बाद ग्लोबल माहौल में सुधार के चलते, भारतीय इक्विटी बेंचमार्क ने कल लगातार तीन दिनों की गिरावट के क्रम को तोड़ते हुए लगभग 0.5% की बढ़त के साथ कारोबार बंद किया। बाजार बंद होने पर,सेंसेक्स 639.42 अंक या 0.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,303.63 पर और निफ्टी 194.75 अंक या 0.81 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,092.70 पर सेटल हुआ।

सुबह 7.40 बजे के आसपास GIFT Nifty 86.50 अंक यानी 0.36 फीसदी की गिरावट के साथ 24,015 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए निगेटिव संकेत है।

एशियाई बाजार मिलाजुला कारोबार कर रहे हैं। GIFT Nifty 86.50 अंक यानी 0.36 फीसदी की गिरावट के साथ 24,015 के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं,जापान के निक्केई में 0.48 फीसदी की गिरावट देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स 0.38 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। वहीं, हैंग सेंग में 0.28 फीसदी की गिरावट है। ताइवानी बाजार में 0.85 फीसदी की बढ़त दिख रही है। कोस्पी में भी 0.85 फीसदी की तेजी है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.16 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

सोमवार को सुस्त कारोबार के बीच S&P 500 और Nasdaq में मामूली बढ़त देखने को मिली। निवेशक एक अहम हफ्ते की शुरुआत में थोड़ा संभलकर चलते दिखे। कंपनियों के नतीजे, आर्थिक डेटा,US फेडरल रिज़र्व के ब्याज दरों पर फैसले और मध्य-पूर्व में तनाव के उतार-चढ़ाव जैसे कई बड़े घटनाक्रमों पर बाजार की नजर बनी हुई है।

कल डाओ जोन्स 62.67 अंक या 0.13% गिरकर 49,168.04 पर आ गया। S&P 500 में 8.85 अंक या 0.12% की बढ़त हुई और यह 7,173.93 पर पहुंच गया। वहीं नैस्डैक 50.50 अंक या 0.20% बढ़कर 24,887.10 पर बंद हुआ।

शुरुआती कारोबार में दुनिया की दूसरी बड़ी मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 98.48 पर ही दिख रहा है।

सोमवार को दो से तीन बेसिस पॉइंट बढ़ने के बाद एशियाई ट्रेडिंग में US ट्रेजरी यील्ड स्थिर रहे। वे 2020 के आखिर के बाद से अपनी सबसे सीमित मासिक रेंज की ओर बढ़ रहे हैं। यूएस 10 ईयर ट्रेडरी यील्ड 4.34 पर और 10 ईयर ट्रेडरी यील्ड 3.80 पर दिख रहा है।

मंगलवार की सुबह के कारोबार में एशियाई मुद्राएं ज़्यादातर कमज़ोर दिख रही थी। इनमें थाई बहत को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है जिसके बाद ताइवान डॉलर,फिलीपीन पेसो,मलेशियाई रिंगिट और जापानी येन का नंबर है। हालांकि,इंडोनेशियाई रुपया और दक्षिण कोरियाई वॉन में मामूली बढ़त देखने को मिली है।

मंगलवार को तेल की कीमतों में और तेजी आई है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को खत्म करने के प्रयास रुके हुए लग रहे हैं। साथ ही, होर्मुज़ स्ट्रेट का अहम जलमार्ग अभी भी ज़्यादातर बंद है,जिससे मध्य-पूर्व के प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्र से होने वाली ऊर्जा की आपूर्ति ग्लोबल मार्केट की पहुंच से बाहर बनी हुई है।

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सोने की कीमतों में ज़्यादा बदलाव नहीं हुआ है, क्योंकि ट्रेडर अमेरिका और ईरान की उन ताज़ा कोशिशों पर नजरें बनाए हुए हैं जिनके ज़रिए वे दो महीने से चल रहे इस युद्ध का बातचीत से कोई हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.18 फीसदी की और चांदी में 0.34 फीसदी की बढ़त दिख रही है।

FIIs ने 27 अप्रैल को लगातार छठे कारोबारी सत्र में अपनी बिकवाली जारी रखी और 1,151 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इसके विपरीत,DIIs शुद्ध खरीदार बने रहे और उन्होंने 4,123 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे,जिससे विदेशी पूंजी की लगातार निकासी के बीच बाजारर को कुछ हद तक सहारा मिला।

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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।

यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।

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