मार्केट पीक पर था, तब शुरू की SIP? जानिए लार्ज, मिड और को पढ़ते समय सबसे जरूरी बात यह है कि खबर के मुख्य तथ्य वही रहें, लेकिन पाठक को संदर्भ साफ और सरल भाषा में मिले।
अपडेट को आसान भाषा में समझें
पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
ध्यान देने वाली बातें
- सितंबर 2024 के मार्केट पीक पर शुरू की गई SIP ने अलग-अलग कैटेगरी में अलग नतीजे दिए।
- लार्ज कैप में सीमित रिटर्न मिले, जबकि मिड और स्मॉल कैप में बेहतर प्रदर्शन दिखा।
- शेयर बाजार सितंबर 2024 के आखिर में अपने अपने शिखर पर था।
- अगर उसने उस वक्त निवेश शुरू किया होगा, तो आपका अनुभव अच्छा नहीं होगा।
LAMORC DIGITAL का संदर्भ
नीचे दिया गया विस्तृत हिस्सा मूल अपडेट की जानकारी को सुरक्षित रखते हुए रखा गया है, ताकि पाठक पूरी पृष्ठभूमि और जरूरी विवरण एक ही जगह देख सकें।
शेयर बाजार सितंबर 2024 के आखिर में अपने अपने शिखर पर था। अगर उसने उस वक्त निवेश शुरू किया होगा, तो आपका अनुभव अच्छा नहीं होगा। 26 सितंबर 2024 को Sensex और Nifty अपने ऑल-टाइम हाई पर थे। उसके बाद से लगातार गिरावट आई।
इस साल यानी 2026 की बात करें, तो Sensex अब तक करीब 9.4 प्रतिशत गिर चुका है। पिछले एक साल में भी 4 प्रतिशत से ज्यादा नीचे है।
लेकिन यहां असली सवाल यह है कि जो लोग हर महीने SIP के जरिए नियमित तरीके से निवेश करते हैं, उनके लिए यह दौर कैसा रहा?
इसे समझने के लिए हमने 10,000 रुपये की मंथली SIP का उदाहरण लिया है, जिसे बाजार के टॉप पर शुरू किया गया था। साथ ही, उसी समय किए गए 2 लाख रुपये के एकमुश्त निवेश से इसकी तुलना भी की गई।
इन नतीजों से साफ पता चलता है कि आपने कैसे निवेश किया, यह उतना ही मायने रखता है जितना कि आपने कहां निवेश किया।
अगर आपने सितंबर 2024 में लार्ज कैप फंड्स में हर महीने 10,000 रुपये की SIP शुरू की होती, तो आपको ठीक-ठाक रिटर्न मिलता, लेकिन कुछ खास नहीं।
सबसे बेहतर प्रदर्शन Bank of India Large Cap Fund का रहा। इसने करीब 4.4 प्रतिशत XIRR दिया। आपका 2 लाख रुपये का निवेश बढ़कर लगभग 2.07 लाख रुपये तक पहुंचा।
कुछ अन्य फंड्स जैसे Taurus Large Cap Fund और Quant Large Cap Fund ने 1-2 प्रतिशत का मामूली फायदा दिया।
लेकिन इसके बाद तस्वीर कमजोर होती जाती है। कई फंड्स बस घाटे से बचते नजर आए और कई में नुकसान हो गया। Nifty 50 TRI का SIP रिटर्न भी करीब -2 प्रतिशत रहा, जो इस मुश्किल दौर को दिखाता है।
कुछ फंड्स में निवेशकों को 4 से 5.5 प्रतिशत तक का नुकसान भी उठाना पड़ा, भले ही वे लगातार निवेश करते रहे। SIP ने गिरावट का असर थोड़ा कम जरूर किया, लेकिन पूरी तरह बचा नहीं पाई।
अगर आपने उसी समय 2 लाख रुपये एक साथ निवेश किए होते, तो मामला और खराब होता। Motilal Oswal Large Cap Fund जैसे बेहतर फंड भी निगेटिव रिटर्न में रहे। ज्यादातर फंड्स में 2 से 4 प्रतिशत तक की गिरावट आई।
कुछ मामलों में नुकसान करीब 8 प्रतिशत तक पहुंच गया। इससे साफ है कि SIP और लंपसम के बीच का अंतर काफी बड़ा रहा।
जहां SIP निवेशकों को कहीं हल्का फायदा और कहीं सीमित नुकसान हुआ, वहीं लंपसम निवेशकों को लगभग हर जगह नुकसान झेलना पड़ा।
लार्ज कैप के मुकाबले मिड कैप फंड्स ने अलग तस्वीर दिखाई। जो निवेशक SIP के जरिए जुड़े, उन्हें कुछ मामलों में शानदार डबल डिजिट रिटर्न भी मिला। ICICI Prudential Midcap Fund ने करीब 17 प्रतिशत XIRR दिया और 2 लाख रुपये बढ़कर 2.27 लाख रुपये से ज्यादा हो गए।
HSBC Midcap Fund जैसे अन्य फंड्स ने भी 14 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न दिया। कई फंड्स ने 8-9 प्रतिशत रिटर्न दिया, जो Nifty Midcap 150 TRI (करीब 7.1 प्रतिशत) से बेहतर रहा।
लेकिन यहां भी फर्क साफ दिखता है। कुछ फंड्स ने सिर्फ 1 प्रतिशत रिटर्न दिया, जबकि कुछ में करीब 9 प्रतिशत तक नुकसान हुआ।
मिड कैप में लंपसम निवेश पूरी तरह खराब नहीं रहा। ICICI Prudential Midcap Fund ने करीब 5.4 प्रतिशत रिटर्न दिया, जबकि WOC Mid Cap Fund और HSBC Midcap Fund ने 2-3 प्रतिशत का मामूली फायदा दिया।
हालांकि नीचे की तरफ 7 से 9.5 प्रतिशत तक का नुकसान भी देखने को मिला।
स्मॉल कैप फंड्स में अंतर और ज्यादा बढ़ जाता है। Union Small Cap Fund ने करीब 13.4 प्रतिशत XIRR दिया। कई अन्य फंड्स ने 9-10 प्रतिशत रिटर्न दिया।
यह Nifty Smallcap 250 TRI (करीब 3 प्रतिशत) से काफी बेहतर रहा। लेकिन अगर फंड का चुनाव गलत हो गया, तो नुकसान भी बड़ा हुआ। कुछ मामलों में करीब 9.5 प्रतिशत तक गिरावट देखी गई।
लंपसम निवेश में जोखिम और ज्यादा साफ दिखा। सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला फंड भी करीब 2 प्रतिशत ही रिटर्न दे पाया। ज्यादातर फंड्स फ्लैट या निगेटिव रहे।
कुछ मामलों में नुकसान 13 प्रतिशत तक पहुंच गया। Nifty Smallcap 250 TRI भी 5 प्रतिशत से ज्यादा गिरा।
पूरी तस्वीर देखने पर एक बात साफ है कि बाजार के टॉप पर निवेश करना हर रणनीति के लिए मुश्किल रहा, लेकिन असर अलग-अलग पड़ा। जैसे-जैसे आप लार्ज कैप से स्मॉल कैप की तरफ बढ़ते हैं, अच्छे और खराब फंड्स के बीच का फर्क और ज्यादा बढ़ता जाता है।
SIP ने नुकसान को सीमित रखने में मदद की और कई मामलों में फायदा भी दिया, खासकर मिड और स्मॉल कैप में। वहीं, लंपसम निवेश समय पर ज्यादा निर्भर रहा और ज्यादातर मामलों में नुकसान दिखा।
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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।