Silver Price: पूरी बात आसान भाषा में को पढ़ते समय सबसे जरूरी बात यह है कि खबर के मुख्य तथ्य वही रहें, लेकिन पाठक को संदर्भ साफ और सरल भाषा में मिले।
अपडेट को आसान भाषा में समझें
पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
ध्यान देने वाली बातें
- Silver Price Decline: चांदी के अलग-अलग कॉन्ट्रैक्ट्स में बुधवार को कमजोरी देखी गई।
- MCX पर मई डिलीवरी वाली चांदी ₹1,137 (0.48%) गिरकर ₹2,36,208 प्रति किलोग्राम पर आ गई।
- Silver Price Update: बुधवार को वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
- अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण निवेशकों ने चांदी से हाथ खींचना शुरू कर दिया है।
LAMORC DIGITAL का संदर्भ
नीचे दिया गया विस्तृत हिस्सा मूल अपडेट की जानकारी को सुरक्षित रखते हुए रखा गया है, ताकि पाठक पूरी पृष्ठभूमि और जरूरी विवरण एक ही जगह देख सकें।
Silver Price Update: बुधवार को वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण निवेशकों ने चांदी से हाथ खींचना शुरू कर दिया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के दाम ₹1,137 टूटकर ₹2.36 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गए हैं।
MCX पर क्या रहे चांदी के भाव?
चांदी के अलग-अलग कॉन्ट्रैक्ट्स में बुधवार को कमजोरी देखी गई। MCX पर मई डिलीवरी वाली चांदी ₹1,137 (0.48%) गिरकर ₹2,36,208 प्रति किलोग्राम पर आ गई। जुलाई कॉन्ट्रैक्ट के चांदी में और भी बड़ी गिरावट रही, जहां दाम ₹1,964 (0.81%) टूटकर ₹2,40,799 प्रति किलोग्राम रह गए। न्यूयॉर्क के कोमेक्स मार्केट में मई कॉन्ट्रैक्ट के लिए चांदी करीब 1% फिसलकर 72.67 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
गिरावट के पीछे क्या है असली वजह?
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक तनाव ने कीमती धातुओं की चमक फीकी कर दी है। ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ के बंद होने से दुनिया भर में तेल की सप्लाई रुक गई है, जिसे IEA ने अब तक का सबसे बड़ा सप्लाई शॉक माना है। अमेरिका-ईरान के बीच रुकी हुई बातचीत और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों ने महंगाई की चिंता बढ़ा दी है। महंगाई को देखते हुए अब यह माना जा रहा है कि फेडरल रिजर्व और अन्य केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ऊंचा रख सकते हैं, जिससे सोना-चांदी जैसे निवेश कमजोर पड़ जाते हैं।
क्या और सस्ती होगी चांदी?
Augmont की रिसर्च हेड रनीशा चैनैनी के मुताबिक चांदी के अगले लक्ष्य ये हो सकते हैं। चांदी इस समय वैश्विक बाजार में 73 डॉलर, घरेलू बाजार में ₹2.35 लाख के करीब है। अगर कीमतें इस स्तर से नीचे बनी रहती हैं, तो अगला लक्ष्य 70 डॉलर प्रति औंस या लगभग ₹2.25 लाख प्रति किलोग्राम तक जा सकता है।
ट्रंप के फैसले पर टिकी है बाजार की नजर
बाजार की नजरें अब अमेरिका और ईरान के रिश्तों पर टिकी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि तेहरान ने वाशिंगटन से अपना ‘नेवल ब्लॉकेड’ हटाने का अनुरोध किया है। शांति वार्ता अभी भी चल रही है, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकलने तक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।