शेयर बाजार में अचानक तेजी: 4 बड़े कारण को पढ़ते समय सबसे जरूरी बात यह है कि खबर के मुख्य तथ्य वही रहें, लेकिन पाठक को संदर्भ साफ और सरल भाषा में मिले।
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ध्यान देने वाली बातें
- Share Market Today: भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार 20 अप्रैल को दिन के निचले स्तर से शानदार रिकवरी देखने को मिली।
- सेंसेक्स और निफ्टी दोनों शुरुआती गिरावट से उबरकर हरे निशान में आ…
- सेंसेक्स और निफ्टी दोनों शुरुआती गिरावट से उबरकर हरे निशान में आ गए।
- दोपहर 12 बजे के करीब, बीएसई सेंसेक्स 383.24 अंक या 0.49% की बढ़त के साथ 78,876.78 के पर रेड कर रहा था।
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Share Market Today: भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार 20 अप्रैल को दिन के निचले स्तर से शानदार रिकवरी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों शुरुआती गिरावट से उबरकर हरे निशान में आ गए। दोपहर 12 बजे के करीब, बीएसई सेंसेक्स 383.24 अंक या 0.49% की बढ़त के साथ 78,876.78 के पर रेड कर रहा था। वहीं निफ्टी 98.30 अंक या 0.40 फीसदी की तेजी के साथ 24,451.85 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
सेंसेक्स ने दिन के निचले स्तर से करीब 650 अंक की छलांग लगाई। वहीं निफ्टी ने 24,400 का स्तर फिर से हासिल कर लिया। शेयर बाजार में आज की इस तेजी के पीछे 4 बड़े कारण रहे-
1. बैकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में तेजी
बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर के अधिकतर शेयर शुरुआती कारोबार में बढ़त में रहे। निफ्टी 50 के अंदर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और ICICI बैंक सबसे बड़े गेनर्स रहे और दोनों में करीब 2% की बढ़त देखी गई। इसके अलावा एक्सिस बैंक भी मजबूत रहा और इसमें करीब 1% की तेजी दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्स में भी सबसे अधिक तेजी निफ्टी पीएसयू बैंक में दिखी और ह इंडेक्स करीब 1% ऊपर था। इसके बाद निफ्टी बैंक में भी मजबूती देखने को मिली।
2. शेयर बाजार को सीजफायर खत्म होने का इंतजार
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच “तनाव घटने और फिर बढ़ने” की स्थिति जारी है, जिससे निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ईरान ने फिर सख्त रुख अपनाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की बात कही है और अमेरिका की ओर से एक ईरानी जहाज को जब्त करने के जवाब में कार्रवाई की धमकी दी है। इससे 22 अप्रैल को सीजफायर की अवधि खत्म होने के बाद, संघर्ष फिर बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
हालांकि, बाजार के संकेत अभी इस तरह की नई चिंता या बड़े तनाव को पूरी तरह नहीं दिखा रहे हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत शुक्रवार के नीचे 90 डॉलर से बढ़कर फिर लगभग 95 डॉलर के स्तर तक पहुंच गई है, लेकिन कच्चे तेल के बाजार में अभी घबराहट की स्थिति नहीं है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार ने कहा कि बाजार फिलहाल सतर्क जरूर है, लेकिन अभी उसमें डर या पैनिक नहीं दिख रहा है।
एक निजी बैंक के एक ट्रेडर ने रॉयटर्स को बताया कि बाजार फिलहाल “वेट एंड वॉच” यानी इंतजार करो और देखो की स्थिति में है। तेल की कीमतों में अनिश्चितता के चलते ट्रेडर्स बड़े और आक्रामक दांव लगाने से बच रहे हैं। उनका मानना है कि असली दिशा तभी तय होगी जब सीजफायर की समयसीमा खत्म होगी और आगे क्या होता है, यह साफ होगा।
ICICI सिक्योरिटीज के रिटेल रिसर्च प्रमुख पंकज पांडे का कहना है कि मध्य-पूर्व में तनाव जरूर बढ़ा है, लेकिन बाजार अभी भी यह मान रहा है कि यह युद्ध ज्यादा लंबे समय तक नहीं चलेगा। यही सोच विदेशी निवेश (FII फ्लो) में भी दिखाई दे रही है।
3. विदेशी निवेशकों की खरीदारी
विदेशी निवेशकों ने हाल के दिनों में दोबारा भारतीय शेयर बाजारों में खरीदारी शुरू की है। शुक्रवार 17 अप्रैल को विदेशी निवेशकों (FII) ने करीब 683 करोड़ रुपये की खरीदारी की। वहीं घरेलू निवेशकों (DII) ने लगभग 4,721 करोड़ रुपये की बिकवाली की। शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने लगातार तीसरे दिन भारतीय बाजार में खरीदारी की। इन तीन दिनों में उन्होंने कुल मिलाकर करीब 4,600 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।
इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल विदेशी निवेशकों का भरोसा बना हुआ है, हालांकि घरेलू निवेशकों की बिकवाली से बाजार पर कुछ दबाव भी बना रह सकता है।
टेक्निकल एनालिस्ट्स के मुताबिक, निफ्टी ने 24,250 के मजबूत सपोर्ट लेवल से सहारा लेकर ऊपर की ओर बढ़त दिखाई। तकनीकी नजरिए से देखा जाए तो निफ्टी 50 अभी भी 24,300 के अहम स्तर के ऊपर बना हुआ है, जो निकट अवधि में तेजी (बुलिश ट्रेंड) का संकेत देता है। इसका मतलब है कि बाजार में फिलहाल मजबूती बनी हुई है।
नजदीकी सपोर्ट 24,200–24,250 के बीच है, जबकि 24,550–24,600 के आसपास रुकावट (रेसिस्टेंस) देखी जा रही है। अगर निफ्टी इस रेसिस्टेंस के ऊपर टिक जाता है, तो बाजार में और तेजी आ सकती है। लेकिन अगर यह ऊपर टिक नहीं पाया, तो बाजार एक सीमित दायरे (ऊपर-नीचे) में ही चलता रह सकता है।
एनालिस्ट्स का यह भी कहना है कि निफ्टी अपने अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है, जो बाजार के रुख को सकारात्मक बनाए हुए है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, बाजार का रुख फिलहाल पॉजिटिव है, लेकिन ग्लोबल अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों को चुनिंदा शेयरों में ही निवेश करना होगा।
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यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।