Nifty Outlook: पूरी बात आसान भाषा में को पढ़ते समय सबसे जरूरी बात यह है कि खबर के मुख्य तथ्य वही रहें, लेकिन पाठक को संदर्भ साफ और सरल भाषा में मिले।
अपडेट को आसान भाषा में समझें
पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
ध्यान देने वाली बातें
- Nifty Outlook: निफ्टी 50 लगातार तीसरे दिन गिरा और आईटी शेयरों की बिकवाली से बाजार दबाव में रहा।
- एक्सपर्ट्स के मुताबिक शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर है।
- जानिए सोमवार 27 अप्रैल के लिए अहम…
- Nifty Outlook: निफ्टी 50 ने शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की।
LAMORC DIGITAL का संदर्भ
नीचे दिया गया विस्तृत हिस्सा मूल अपडेट की जानकारी को सुरक्षित रखते हुए रखा गया है, ताकि पाठक पूरी पृष्ठभूमि और जरूरी विवरण एक ही जगह देख सकें।
Nifty Outlook: निफ्टी 50 ने शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की। आईटी शेयरों में तेज बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव बना रहा। इससे तीन हफ्तों से जारी तेजी का सिलसिला भी टूट गया।
इंडेक्स ने कमजोर ग्लोबल संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच 73 अंकों की गिरावट के साथ ओपनिंग की। इसके बाद पूरे सत्र में बाजार दबाव में ही रहा।
आखिरी घंटे में कुछ खरीदारी देखने को मिली, जिससे निफ्टी ने अपने इंट्राडे लो से करीब 100 अंक की रिकवरी की। इसके बावजूद इंडेक्स 275 अंक गिरकर 23,897 पर बंद हुआ। पूरे हफ्ते में इसमें 1.90% की गिरावट रही।
किन शेयरों में तेजी और गिरावट
इंडेक्स में Coal India, Trent और Hindalco जैसे शेयरों में बढ़त देखने को मिली। वहीं Infosys, TCS और Tech Mahindra जैसे आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई, जिससे बाजार पर दबाव बना।
लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी आईटी, मीडिया और फार्मा इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट रही। खासकर आईटी इंडेक्स 5% से ज्यादा गिर गया, क्योंकि बड़ी कंपनियों के कमजोर नतीजों और सतर्क आउटलुक ने सेंटीमेंट बिगाड़ा।
ब्रॉडर मार्केट में भी प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 करीब 1% और स्मॉलकैप 100 लगभग 0.90% गिरा।
आगे बाजार की दिशा क्या
पिछले तीन सत्रों में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा है। इसकी बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और रुपये की कमजोरी ने भी निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है।
आने वाले समय में बाजार का रुख भू-राजनीतिक हालात, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेश के प्रवाह पर निर्भर करेगा। अमेरिकी में व्हाइट हाउस में एक हाई प्रोफाइल पार्टी के दौरान हमला भी हुआ है। इसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति JD Vance समेत वरिष्ठ अधिकारी पूरी तरह सुरक्षित हैं। बाजार इस घटनाक्रम पर भी प्रतिक्रिया दे सकता है।
निफ्टी पर एक्सपर्ट्स की राय
HDFC सिक्योरिटीज के नगराज शेट्टी के मुताबिक, अगर कमजोरी जारी रहती है तो निफ्टी 23,500 के स्तर तक जा सकता है। वहीं, 24,100 पर तुरंत रेजिस्टेंस है। Centrum Finverse के निलेश जैन का कहना है कि निफ्टी 24,285 के 50-DMA के पास रुक गया और 24,000 के नीचे बंद हुआ। अब 23,580 के आसपास सपोर्ट दिख रहा है।
उन्होंने कहा कि हालिया तेजी का बेस 23,690 पर है, जिसे आने वाले एक्सपायरी हफ्ते में टेस्ट किया जा सकता है। अगर वोलैटिलिटी कम होती है तो बाजार में फिर से तेजी आ सकती है।
LKP सिक्योरिटीज के रूपक डे के मुताबिक, इंडेक्स 100-EMA के पास रुक गया, जिससे नई बिकवाली शुरू हुई और यह 24,000 के नीचे आ गया। उनका कहना है कि बाजार का सेटअप फिलहाल कमजोर है और निफ्टी 23,500 की ओर जा सकता है। ऊपर की तरफ 24,200 अहम रेजिस्टेंस रहेगा।
HDFC सिक्योरिटीज के नंदीश शाह के मुताबिक, शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर हो गया है और इंडेक्स 20-दिन के EMA के नीचे बंद हुआ है। 23,790 और 23,550 अहम सपोर्ट लेवल हैं, जबकि 24,200 के ऊपर जाने पर ट्रेंड बदल सकता है।
SAMCO सिक्योरिटीज के धूपेश धमेचा का कहना है कि बाजार में फिलहाल निगेटिव रुख बना हुआ है। जब तक निफ्टी 24,200 के नीचे है, तब तक ‘उछाल पर बिकवाली’ रणनीति बेहतर मानी जा रही है। अगर इंडेक्स 23,700 के नीचे जाता है, तो गिरावट और तेज हो सकती है।
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यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।