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ध्यान देने वाली बातें
- Market outlook: IT को छोड़कर,बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए।
- मेटल इंडेक्स में 2 फीसदी की गिरावट आई।
- जबकि PSU बैंक,प्राइवेट बैंक,कंज्यूमर ड्युरेबल्स और रियल्टी…
- Stock Market: 30 अप्रैल को भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए।
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Stock Market: 30 अप्रैल को भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। आज IT सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टरों में बिकवाली के चलते Nifty 24,000 के नीचे आ गया। बाजार बंद होने पर सेंसेक्स 582.86 अंक या 0.75 प्रतिशत गिरकर 76,913.50 पर और निफ्टी 180.1 अंक या 0.74 प्रतिशत गिरकर 23,997.55 पर बंद हुआ। Nifty में सबसे ज़्यादा नुकसान उठाने वालों शेयरों में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स,हिंडाल्को इंडस्ट्रीज,इटरनल,एचयूएल और एक्सिस बैंक शामिल रहे। जबकि सबसे ज्यादा फायदा कमाने वालों में बजाज ऑटो,सन फार्मा,इंफोसिस,टेक महिंद्रा और बजाज फाइनेंस शामिल रहे।
IT को छोड़कर,बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। मेटल इंडेक्स में 2 फीसदी की गिरावट आई। जबकि PSU बैंक,प्राइवेट बैंक,कंज्यूमर ड्युरेबल्स और रियल्टी इंडेक्स में 1-1% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1% की गिरावट आई,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5% नीचे गिर गया।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि जैसे-जैसे US-ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है और शिपिंग के मुख्य रास्तों में लगातार रुकावटें आ रही हैं, ग्लोबल माहौल भी तेजी से बिगड़ा है। ब्रेंट क्रूड चार साल में पहली बार $120 प्रति बैरल के पार चला गया है। इससे महंगाई की चिंताएं बढ़ गईं हैं और ग्लोबल रिस्क एसेट्स पर दबाव पड़ रहा है। भारत में,तेल की बढ़ती कीमतों का असर रुपए पर पड़ा और पूंजी के बाहर जाने तथा बढ़ते घाटे की चिंताएं फिर से उभर आईं हैं, क्योंकि हमारी अर्थव्यवस्था कच्चे तेल के आयात पर बहुत ज्यादा निर्भर है।
Fed ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया लेकिन अपनी नीतिगत स्थिति को मज़बूत बनाए रखी, जिससे डॉलर को सहारा मिला और उभरते बाज़ारों के लिए स्थितियां और कठिन हो गईं। घरेलू बाजार में ऑटो,बैंक,मेटल और रियल एस्टेट सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली,जबकि IT और फार्मा सेक्टर में चुनिंदा डिफेंसिव खरीदारी हुई। कारोबारी सत्र के अंत में थोड़ी-बहुत रिकवरी देखने को मिली,जिससे कुछ राहत मिली,लेकिन छुट्टियों वाले लंबे वीकेंड से पहले कुल मिलाकर बाजार का माहौल सतर्क ही बना रहा।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज (ThinCredBlu Securities) के फाउंडर गौरव उदानी ने कहा कि निफ्टी 24,045 पर बंद हुआ। इसमें करीब 133 अंकों की गिरावट रही। लेकिन दिन के निचले स्तर से इसने लगभग 275 अंकों की ज़ोरदार रिकवरी की,जिससे यह संकेत मिलता है कि निचले स्तरों पर खरीदारी में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। तकनीकी रूप से 23,900–24,000 एक अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है,जो एक बार फिर मज़बूती से टिका रहा है। ऊपरी तरफ 24,200–24,300 तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है,जहां इंडेक्स को लगातार बिकवाली के दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
यह सेटअप एक सीमित दायरे वाले और वोलेटाइल बाजार की ओर इशारा करता है,जहां गिरावट आने पर खरीदार सक्रिय हो जाते हैं और तेजी आने पर विक्रेता सामने आ आते हैं। ऐसे में ट्रेडर्स को लेवल्स पर फोकस बनाए रखना चाहिए। प्राइस के पीछे भागने से बचना चाहिए और स्पष्ट दिशा वाले ट्रेड्स के लिए किसी भी तरफ ब्रेकआउट का इंतजार करना चाहिए।
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड (Choice Equity Broking Private Limited) के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह का कहना है कि निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट लगभग 23,900–23,800 पर है। ऊपर की ओर रेजिस्टेंस 24,200–24,300 पर दिख रहा है। तेजी के जारी रहने की पुष्टि के लिए 24,500 के ऊपर लगातार बढ़त जरूरी है।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि तकनीकी नजरिए से निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस 24,350–24,400 के जोन में है,जबकि तत्काल सपोर्ट 23,900–23,950 पर है।
SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरीवेटिव रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि आगे Nifty के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24250-24300 जोन में है। इस जोन के ऊपर कोई भी टिकाऊ चाल Nifty को 24450 की ओर और उसके बाद 24600 की ओर अपना पुलबैक बढ़ाने में मदद कर सकती है। दूसरी ओर Nifty के लिए तत्काल सपोर्ट 23850-23800 जोन में है,जो वही जोनन है जहां पिछला स्विंग लो भी स्थित है।
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SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए के लिए तत्काल सपोर्ट 55000-54900 के जोन में है। अगर इंडेक्स लगातार इस जोन से नीचे बना रहता है,तो इसकी कमजोरी बढ़कर 54600 तक जा सकती है और उसके बाद कम शॉट टर्म में यह 54300 तक भी गिर सकता है। वहीं,ऊपर की तरफ 55900–56000 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।
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यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।