अगले हफ्ते बाजार में साइडवेज मूव की संभावना को पढ़ते समय सबसे जरूरी बात यह है कि खबर के मुख्य तथ्य वही रहें, लेकिन पाठक को संदर्भ साफ और सरल भाषा में मिले।
अपडेट को आसान भाषा में समझें
पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
ध्यान देने वाली बातें
- Market Next Week: चौथी तिमाही के नतीजों के मौसम में हमें स्टॉक स्पेसिफिक एक्शन को मिलेंगे।
- कंपनियों की अर्निंग उनके शेयरों की चाल पर असर डालेगी।
- Market Next Week: बाजार की आगे की दशा और दिशा पर बात करते हुए मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में वेल्थ मैनेजमेंट रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि FIIs की तरफ से लगातार हो रही बिकवाली, रुपए की कमजोरी, कच्चे तेल का कीमतों में तेजी और US-ईरान बातचीत में कोई प्रगति न होने के कारण आगे बाजार साइडवेज मूव के साथ कंसोलीडेट होता दिख सकता है।
- US अपनी नाकेबंदी की नीति पर कायम है।
LAMORC DIGITAL का संदर्भ
नीचे दिया गया विस्तृत हिस्सा मूल अपडेट की जानकारी को सुरक्षित रखते हुए रखा गया है, ताकि पाठक पूरी पृष्ठभूमि और जरूरी विवरण एक ही जगह देख सकें।
Market Next Week: बाजार की आगे की दशा और दिशा पर बात करते हुए मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में वेल्थ मैनेजमेंट रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि FIIs की तरफ से लगातार हो रही बिकवाली, रुपए की कमजोरी, कच्चे तेल का कीमतों में तेजी और US-ईरान बातचीत में कोई प्रगति न होने के कारण आगे बाजार साइडवेज मूव के साथ कंसोलीडेट होता दिख सकता है। US अपनी नाकेबंदी की नीति पर कायम है। इसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की दिक्कत बाजार पर अपना असर दिखाएगी। निवेशकों के मूड पर घरेलू राजनीतिक घटनाक्रमों का भी असर दिखेंगा। अगले हफ्ते आने वाले चुनावों के अंतिम नतीजों से सोमवार को बाज़ार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
चौथी तिमाही के नतीजों के मौसम में हमें स्टॉक स्पेसिफिक एक्शन को मिलेंगे। कंपनियों की अर्निंग उनके शेयरों की चाल पर असर डालेगी। कोटक महिंद्रा बैंक,ज़ेन टेक्नोलॉजीज़,जिंदल स्टील एंड पावर और अन्य कंपनियों के अहम नतीजे आने वाले हैं।
गुरुवार को भारतीय बाजार कमजोरी के साथ खुले,लेकिन दिन के निचले स्तरों से उनमें थोड़ी रिकवरी देखने को मिली,हालांकि बेंचमार्क लाल निशान में ही बंद हुए। इस रिकवरी में सबसे ज्यादा योगदान निचले स्तरों पर हुई’वैल्यू बाइंग’और IT तथा फार्मा शेयरों से मिले सपोर्ट का था। निफ्टी 0.7% की गिरावट के साथ 23,997 पर बंद हुआ,जबकि छोटे-मझोले शेयर दबाव में रहे। मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.8% और 0.5% की गिरावट देखने को मिली।
सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो मेटल्स,PSU बैंक और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे,जबकि IT एकमात्र ऐसा सेक्टर था जो बढ़त (+0.5%) के साथ बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं (110 USD प्रति बैरल से ऊपर),जबकि भारतीय रुपया गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर 95.3/USD पर पहुंच गया। इससे मैक्रो दबाव और बढ़ गया। इसके अलावा देश में चल रहे हीटवेव से महंगाई का दबाव और बढ़ रहा है। बढ़ते तापमान के कारण खाने-पीने की चीज़ों,खासकर सब्जियों की कीमतें बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही,पहले से ही ऊंची चल रही एनर्जी की कीमतें भी कुल खपत पर भारी पड़ सकती हैं। हालांकि,इससे बिजली,कूलिंग अप्लायंसेज और एग्री-इनपुट सेगमेंट को बढ़ती मांग का फायदा मिलेगा।
FIIs की बिकवाली एक बड़ी चिंता बनी हुई है। इनकी तरफ से लगातार निकासी हो रही है। FIIs ने इस महीने कुल ₹62,088 करोड़ तक की बिकवाली की है। यह ग्लोबल बाजार में बने सतर्कता के माहौल का संकेत है। ग्लोबल मार्केट की बात करें तो US फेडरल रिज़र्व,बैंक ऑफ़ जापान और ECB जैसे प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने इस सप्ताह ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया,लेकिन उनका रुख सख्त बना रहा। एनर्जी की कीमतों में हालिया उछाल के कारण निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो गई है।
बाजार में ‘डर के आगे जीत है’ जैसा माहौल, 2032 में 50000 तक जा सकता है निफ्टी -रामदेव अग्रवाल
भारत की बात करें तो डॉलर के मज़बूत होने और ब्याज दरों में अंतर का कम होने से RBI की पॉलिसी में ढ़ील की गुंजाइश सीमित हो सकती है,भले ही घरेलू हालात नरम पड़ जाएं। उधर रूस के साथ भारत की $1.2 बिलियन की मिसाइल डील से देश की रणनीतिक क्षमताओं को मज़बूत मिलेगी और डिफेंस, कैपिटल गुड्स और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बूस्ट मिलेगा। इस डील से स्वदेशीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
आगे बाजार की दिशा तय करने में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष,कच्चे तेल की कीमत और विदेशी फंडों के रुख की अहम भूमिका होगी। शुक्रवार को महाराष्ट्र दिवस के कारण भारतीय बाज़ार बंद हैं,जबकि अमेरिका में लेबर डे के चलते बाज़ार बंद रहेंगे।
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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।