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निफ्टी 24300 के पार, तेजी की उम्मीद

निफ्टी 24,300 के पार, तेजी की उम्मीद

निफ्टी ने 24,300 के अहम स्तर को फिर से हासिल कर लिया है। यह एक अच्छा संकेत है कि बाजार में तेजी की उम्मीदें हैं।

  • निफ्टी ने 50-डे EMA और बोलिंगर बैंड्स की मिड लाइन से ऊपर निकल गया है।
  • इंडेक्स ने 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट (फरवरी के उच्च स्तर से अप्रैल के निम्न स्तर तक की गिरावट का) को भी फिर से हासिल कर लिया है।
  • RSI बढ़कर 55.41 पर पहुंच गया है, जिसमें एक बुलिश क्रॉसओवर देखने को मिला है।

पाठकों को यह जानना जरूरी है कि बाजार में तेजी की उम्मीदें हैं और निफ्टी 24,300 के पार हो गया है। यह एक अच्छा समय है निवेश करने के लिए, लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि आप अपने निवेश को सावधानी से करें और अपने जोखिम को समझें।

Market cues: कई दिनों के कंसोलीडेशन के बाद, 6 मई को Nifty में 1.24 फीसदी की तेजी आई और यह 50-डे EMA और बोलिंगर बैंड्स की मिड लाइन से ऊपर निकल गया। बेहतर होते मोमेंटम इंडिकेटर्स के साथ इस इंडेक्स ने 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट (फरवरी के उच्च स्तर से अप्रैल के निम्न स्तर तक की गिरावट का) को भी फिर से हासिल कर लिया। अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही युद्ध खत्म करने के लिए संभावित शांति समझौते की खबरें और साथ ही चीन की कूटनीतिक सक्रियता के चलते पिछले दो दिनों में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से नीचे आई हैं। निफ्टी ने 24,300 के अहम स्तर को फिर से हासिल कर लिया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इंडेक्स इस स्तर से ऊपर बना रहता है तो आने वाले सत्रों में यह ऊपर की ओर 24600–24800 की तरफ जा सकता है। वहीं,इसके लिए तत्काल अहम सपोर्ट 24000 पर बना हुआ है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट: 24,091, 24,007 और 23,870

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस: 24,365, 24,450 और 24,587

स्पेशल फॉर्मेशन: Nifty ने डेली चार्ट पर नीचे की तरफ शैडो वाली एक बुलिश कैंडल बनाई है और एक ट्रायंगल-जैसे पैटर्न को तोड़कर ऊपर निकल गया है। यह एक बेहतर होते ट्रेंड का संकेत है। यह इंडेक्स अब शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज के साथ-साथ बोलिंगर बैंड की मिडलाइन के भी ऊपर ट्रेड कर रहा है। साथ ही हाल के कंसोलिडेशन फेज़ के दौरान इसने 20-डे EMA को भी बनाए रखा है। RSI बढ़कर 55.41 पर पहुंच गया,जिसमें एक बुलिश क्रॉसओवर देखने को मिला। MACD सिग्नल और ज़ीरो लाइनों के ऊपर बना रहा,जबकि कई दिनों की गिरावट के बाद एक गहरे हरे रंग का हिस्टोग्राम बार दिखाई दिया। यह सब बुलिश मोमेंटम के मज़बूत होने का संकेत देता है।

पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 56,119, 56,471, और 57,041

पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 54,979, 54,627, और 54,057

फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 57,195, 59,169

फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 54,576, 53,687

स्पेशल फॉर्मेशन: बैंक निफ्टी ने भी डेली टाइमफ्रेम पर एक लंबी हरी कैंडल बनाई,जिसके नीचे की ओर एक शैडो थी। इसके साथ ही वॉल्यूम भी औसत से ज्यादा रहा जो कई दिनों के कंसोलिडेशन के बाद एक अच्छी रिकवरी का संकेत है। इंडेक्स शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन से ऊपर चढ़ गया। यह 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट (फरवरी के उच्च स्तर से अप्रैल के निम्न स्तर तक की गिरावट का) और साथ ही 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट (अप्रैल के निम्न स्तर से हुई बढ़त का) के ऊपर बंद हुआ। यह सकारात्मक रुझान का संकेत है। इसके अलावा,RSI एक बुलिश क्रॉसओवर के साथ बढ़कर 52.79 पर पहुंच गया,जबकि MACD हिस्टोग्राम में दिख रही कमजोरी दूर हो गई। यह सब बुलिश सेंटिमेंट में हो रहे सुधार की ओर इशारा करता है।

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एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 6 मई को अपनी बिकवाली का सिलसिला जारी रखा और 5,834 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) शुद्ध खरीदार बने रहे और उन्होंने 6,836 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX 6.87 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 16.68 पर आ गया और 100 डे EMA (यानी, 17 के स्तर से नीचे) से नीचे चला गया। ये तेजड़ियों के लिए राहत का संकेत है।

बाजार का मूड दिखाने वाला Nifty का पुट-कॉल रेश्यो (PCR) 6 मई को बढ़कर 1.19 पर पहुंच गया,जबकि पिछले सत्र में यह 1.08 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं,जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।

यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।

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