तीन बड़े IPOs: निवेशकों के लिए मिश्रित अनुभव
हाल के वर्षों में भारतीय शेयर बाजार में तीन सबसे बड़े आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPOs) आए हैं, लेकिन इन इश्यूज़ ने निवेशकों को मिले-जुले परिणाम दिए हैं। इनमें से कुछ ने निवेशकों को अच्छा मुनाफा दिया है, जबकि कुछ ने उन्हें घाटे में भी डाला है। हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India), एलआईसी (LIC) और पेटीएम (Paytm) जैसे दिग्गजों के आईपीओ ने बाजार में अपनी जगह बनाई, लेकिन निवेशकों का अनुभव हर बार एक जैसा नहीं रहा।
हुंडई मोटर इंडिया: शुरुआती गिरावट के बाद रिकवरी, फिर मुनाफा कम
हुंडई मोटर इंडिया का ₹27,859 करोड़ का आईपीओ, जो अब तक का सबसे बड़ा इश्यू रहा है, निवेशकों के लिए एक रोलरकोस्टर राइड साबित हुआ है। आईपीओ के तहत ₹1960 प्रति शेयर के भाव पर शेयर जारी किए गए थे। 22 अक्टूबर 2024 को, कंपनी ने बीएसई पर ₹1931 पर डेब्यू किया, जो इश्यू प्राइस से 1% से अधिक की गिरावट थी। इसके बाद, 7 अप्रैल 2025 को शेयर ₹1,542.95 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गए। हालांकि, बाद में शेयरों में रिकवरी देखी गई और 22 सितंबर 2025 को यह ₹2,889.65 के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया, जिससे आईपीओ निवेशकों को 47.43% का मुनाफा हुआ। लेकिन, 24 अप्रैल को बीएसई पर यह 3.24% गिरकर ₹1784.55 पर बंद हुआ, जिसका अर्थ है कि फिलहाल आईपीओ निवेशक 8.95% के घाटे में हैं।
एलआईसी: लिस्टिंग पर घाटा, लेकिन रिकवरी की उम्मीदें
भारत की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी, एलआईसी का ₹20,557 करोड़ का आईपीओ, दूसरा सबसे बड़ा इश्यू था। निवेशकों को ₹949 प्रति शेयर के भाव पर शेयर आवंटित किए गए थे। 17 मई 2022 को लिस्टिंग के दिन, शेयर ₹867.20 पर खुले, जिससे निवेशकों को लिस्टिंग गेन के बजाय 8.62% का घाटा हुआ। अगले साल, 29 मार्च 2023 को, शेयर ₹530.20 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गए, जिससे आईपीओ निवेशकों को 44.13% का नुकसान हुआ। इस निचले स्तर से उबरकर, 1 अगस्त 2022 को शेयर ₹1,221.50 तक पहुंच गए, जिससे आईपीओ निवेशकों को 28.71% का मुनाफा हुआ। हालांकि, 24 अप्रैल को, शेयर 0.10% की गिरावट के साथ ₹811.10 पर बंद हुए, जिसका मतलब है कि फिलहाल निवेशक 14.53% के घाटे में हैं।
पेटीएम: लगातार घाटे का सफर
पेटीएम का ₹18,300 करोड़ का आईपीओ, तीसरा सबसे बड़ा इश्यू था, और यह निवेशकों के लिए सबसे निराशाजनक साबित हुआ है। निवेशकों को ₹2150 प्रति शेयर के भाव पर शेयर जारी किए गए थे। 18 नवंबर 2021 को, कंपनी ने ₹1955 पर शेयर बाजार में प्रवेश किया, जिससे आईपीओ निवेशकों को लिस्टिंग पर ही 9.07% का झटका लगा। इसके बाद, 25 नवंबर 2021 को शेयर ₹1875 के रिकॉर्ड उच्च स्तर तक पहुंचे, लेकिन तब भी निवेशक 12.79% के घाटे में थे। इसके बाद शेयरों में लगातार गिरावट आई और 9 मई 2024 को यह ₹310.00 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया, जिससे आईपीओ निवेशक 85.58% के भारी घाटे में चले गए। 24 अप्रैल को, शेयर 1.10% की गिरावट के साथ ₹1147.10 पर बंद हुए, जिसका मतलब है कि निवेशक अभी भी 46.65% के घाटे में हैं।
(सभी शेयर की कीमतें बीएसई से ली गई हैं।)
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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।