IndusInd Bank Q4 results: पूरी बात आसान भाषा में को पढ़ते समय सबसे जरूरी बात यह है कि खबर के मुख्य तथ्य वही रहें, लेकिन पाठक को संदर्भ साफ और सरल भाषा में मिले।
अपडेट को आसान भाषा में समझें
पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
ध्यान देने वाली बातें
- IndusInd Bank Q4 results: इंडसइंड बैंक का मार्च तिमाही का मुनाफा एनालिस्ट्स की उम्मीद से ज्यादा है।
- एनालिस्ट्स ने 389 करोड़ रुपये मुनाफा का अनुमान लगाया था।
- IndusInd Bank Q4 results: इंडसइंड बैंक फिर से प्रॉफिट में आ गया है।
- बैंक ने 24 अप्रैल को मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान किया।
LAMORC DIGITAL का संदर्भ
नीचे दिया गया विस्तृत हिस्सा मूल अपडेट की जानकारी को सुरक्षित रखते हुए रखा गया है, ताकि पाठक पूरी पृष्ठभूमि और जरूरी विवरण एक ही जगह देख सकें।
IndusInd Bank Q4 results: इंडसइंड बैंक फिर से प्रॉफिट में आ गया है। बैंक ने 24 अप्रैल को मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान बैंक को 533 करोड़ रुपये प्रॉफिट हुआ। बैंक अब मुश्किल दौर से बाहर निकलता दिख रहा है। बैंक ने मार्च तिमाही में कम प्रोविजनिंग किया है। एसेट क्वालिटी में भी इम्प्रूवमेंट दिखा है।
एनालिस्ट्स की उम्मीद से ज्यादा मुनाफा
बैंक का मार्च तिमाही का मुनाफा एनालिस्ट्स की उम्मीद से ज्यादा है। एनालिस्ट्स ने 389 करोड़ रुपये मुनाफा का अनुमान लगाया था। एक साल पहले की मार्च तिमाही में बैंक इंडसइंड बैंक को बड़ा नुकसान हुआ था। इसकी बड़ी वजह बैंक के इनटर्नल डेरिवेटिव्स की अकाउंटिंग में गड़बड़ी थी। बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर 1.5 रुपये के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है।
26 जून डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड तारीख
बैंक ने कहा है कि डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 26 जून होगी। बैंक का प्रोविजनिंग मार्च तिमाही में साल दर साल आधार पर 38.6 फीसदी कम रहा। कंटींजेनसीज 29 फीसदी घटकर 1,484 करोड़ रुपये रहा। एसेट क्वालिटी में भी इम्प्रूवमेंट आया। बैंक के बैड लोन में भी कमी दिखी। यह मार्च के अंत में घटकर 3.43 फीसदी पर आ गया। दिसंबर तिमाही के अंत में यह 3.56 फीसदी था।
बैंक में गवर्नेंस को लेकर उठे थे सवाल
पिछले साल डेरिवेटिव ट्रेड से जुड़ी अकाउंटिंग में गड़बड़ी का पता चलने के बाद बैंक में गवर्नेंस को लेकर कई सवाल उठे थे। बैंक में यह गड़बड़ी करीब 2,000 करोड़ रुपये थी। मामला सामने आने के बाद बैंक के सीईओ सुमंत कठपालिया और डिफ्टी चीफ अरुण खुराना सहित कई सीनियर अधिकारियों को इस्तीफा देना पड़ा था।
लोन और डिपॉजिट पर दिखा दबाव
पिछले साल इंडसइंड बैंक की लोन और डिपॉजिट ग्रोथ पर दबाव देखने को मिला था। चौथी तिमाही में बैंक के लोन में साल दर साल आधार पर 8.7 फीसदी कमी आई। यह लगातार चौथी तिमाही है जब लोन में गिरावट आई है। डिपॉजिट में भी 2.6 फीसदी की कमी आई। हालांकि, नेट इंटरेस्ट इनकम साल दर साल आधार पर बढ़कर 4,371 करोड़ रुपये हो गया।
24 अप्रैल को इंडसइंड बैंक का शेयर 1.2 फीसदी गिरकर 850 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक महीने में यह शेयर 6.62 फीसदी चढ़ा है। 12 जनवरी, 2024 को यह शेयर 1,674 रुपये था। उसके बाद इसमें लगातर गिरावट आई है। डेरिवेटिव्स अकाउंटिंग में मिस-कैलकुलेशन का पता चलने के बाद बैंक का शेयर गिरकर 28, मार्च 2025 को गिरकर 649 रुपये पर आ गया था।
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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।