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सोने-चांदी के भाव: तनाव और आर्थिक आंकड़ों के बीच बाजार की दिशा

सोने-चांदी के भाव: तनाव और आर्थिक आंकड़ों के बीच बाजार की दिशा

आतंक और आर्थिक आंकड़ों के बीच सोने और चांदी के भाव पर क्या होगा, यह इस हफ्ते तय होगा।

  • पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और बड़े देशों के आर्थिक आंकड़ों के बीच बाजार की दिशा तय होगी।
  • कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका के अहम आंकड़ों पर ट्रेडर्स की नजर रहेगी।
  • अमेरिका और ब्रिटेन के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के PMI आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

इस हफ्ते अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीजफायर 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है, जिससे बाजार के मूड पर असर पड़ सकता है।

Gold Silver Prices: सोमवार, 20 अप्रैल से शुरू होने वाला हफ्ता सोने और चांदी के लिए काफी अहम रहने वाला है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और बड़े देशों के आर्थिक आंकड़ों के बीच यह तय होगा कि बाजार में तेजी जारी रहेगी या अब थोड़ी ठंडक आ सकती है।

बाजार की नजर किन चीजों पर

इस हफ्ते ट्रेडर्स खास तौर पर कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका के अहम आंकड़ों पर नजर रखेंगे। इनमें रिटेल सेल्स, हाउसिंग डेटा और कंज्यूमर सेंटिमेंट शामिल हैं।

इसके अलावा अमेरिका और ब्रिटेन के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के PMI आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

यह हफ्ता इतना अहम क्यों?

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीजफायर 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है। इससे बाजार के मूड पर असर पड़ सकता है। साथ ही ETF निवेशक अब फिर से सोना-चांदी में लौटते दिख रहे हैं, जिन्होंने मार्च में भारी बिकवाली की थी।

JM फाइनेंशियल के प्रणव मेर के मुताबिक, यह हफ्ता तय करेगा कि सोना-चांदी में तेजी जारी रहेगी या गिरावट आ सकती है। उनका कहना है कि जापान और ब्रिटेन के महंगाई आंकड़े और चीन की मौद्रिक नीति का फैसला भी बाजार पर असर डालेंगे।

होर्मुज को लेकर बढ़ी अनिश्चितता

हालात तब और उलझ गए जब ईरान ने पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को कमर्शियल जहाजों के लिए खोलने की बात कही, लेकिन बाद में अपना फैसला बदलते हुए फिर से पाबंदियां लगा दीं।

यह कदम अमेरिका की तरफ से ईरान के बंदरगाहों पर जारी नाकेबंदी के जवाब में उठाया गया।

भारत ने भी जताई चिंता

इस बीच भारत ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख दिखाया। विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजदूत को तलब कर विरोध दर्ज कराया, क्योंकि भारतीय झंडे वाले दो तेल टैंकरों को ईरानी फायरिंग के बाद रास्ता बदलना पड़ा।

पिछले हफ्ते कैसा रहा प्रदर्शन

पिछले हफ्ते मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी 13,868 रुपये यानी 5.7 प्रतिशत उछलकर 2.57 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोना 1,957 रुपये यानी 1.3 प्रतिशत बढ़कर 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर चांदी 7 प्रतिशत बढ़कर 81.84 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई। वहीं सोना 2 प्रतिशत बढ़कर 4,879.6 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

डॉलर में कमजोरी और ग्लोबल अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश (safe haven) के तौर पर सोना-चांदी में पैसा लगाया। इसके अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को लेकर बदलती नीतियों ने भी बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ाया।

चांदी को सिर्फ सुरक्षित निवेश ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल डिमांड से भी सपोर्ट मिल रहा है। खासकर कॉपर जैसे मेटल्स में सुधार और सप्लाई की कमी के अनुमान से चांदी मजबूत बनी हुई है।

थोड़ी राहत, लेकिन जोखिम बरकरार

चॉइस ब्रोकिंग के मुताबिक, इजराइल और लेबनान के बीच 10 दिन के सीजफायर के दौरान होर्मुज खुले रहने से बाजार को थोड़ी राहत मिली। लेकिन अमेरिका की तरफ से ईरान के खिलाफ नाकेबंदी जारी रहने के कारण अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।

इस हफ्ते अमेरिकी सीनेट में केविन वार्श की नियुक्ति पर भी नजर रहेगी, जो फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन बन सकते हैं। अगर वह ब्याज दरों में नरमी का संकेत देते हैं, तो इससे सोना-चांदी की कीमतों को और सपोर्ट मिल सकता है।

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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।

यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।

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