मध्यपूर्व तनाव के बीच कमोडिटी मार्केट में हलचल
हाल के दिनों में कमोडिटी मार्केट में मिली-जुली तस्वीर देखने को मिली है। जहां एक ओर कच्चे तेल (क्रूड) की कीमतों में उछाल देखा गया, वहीं सोने और चांदी की कीमतों में नरमी आई है। यह स्थिति अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर चल रहे गतिरोध का परिणाम मानी जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की बातचीत शुरू होने के स्पष्ट संकेत नहीं मिलते, तब तक कमोडिटी की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।
कच्चे तेल में लगातार उछाल और महंगाई का डर
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.17 फीसदी बढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 1.12 फीसदी की तेजी के साथ 96.92 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। कई दिनों बाद क्रूड की कीमतें लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं। 17 अप्रैल को ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के ऐलान के बाद क्रूड में बड़ी गिरावट आई थी, लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के कारण कीमतें फिर से 100 डॉलर के पार चली गई हैं। इस हफ्ते ब्रेंट क्रूड में 17 फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल में इस तरह के उछाल से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा है। इसके अलावा, डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती का असर भी सोने की कीमतों पर पड़ रहा है। महंगाई को नियंत्रित करने के लिए, फेडरल रिजर्व और अन्य केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरों में बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में, सोने की चमक फीकी पड़ जाती है क्योंकि उच्च रिटर्न देने वाली अन्य संपत्तियां अधिक आकर्षक हो जाती हैं।
चार हफ्तों की तेजी के बाद सोने में गिरावट
मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव का असर सोने की कीमतों पर भी पड़ा है। लगातार चार हफ्तों की तेजी के बाद, इस हफ्ते सोने की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। इस हफ्ते सोने में करीब 3.5 फीसदी की गिरावट आई है। 24 अप्रैल को स्पॉट गोल्ड 0.7 फीसदी गिरकर 4,661.33 डॉलर प्रति औंस पर था। भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स में नरमी दिखी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गोल्ड फ्यूचर्स 0.16 फीसदी गिरकर 1,51,526 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। इसी तरह, सिल्वर फ्यूचर्स भी 0.13 फीसदी की कमजोरी के साथ 2,41,257 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था।
सोने की कीमतों में सीमित उतार-चढ़ाव की उम्मीद
OANDA में सीनियर मार्केट एनालिस्ट केल्विन वोंग के अनुसार, “जब तक कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहेंगी, सोने पर दबाव बना रहेगा। सोने की कीमतों में फिलहाल सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसकी कीमत 50-दिनों की मूविंग एवरेज से 20-दिनों की मूविंग एवरेज (4,900-4,645 डॉलर प्रति औंस) के बीच बनी हुई है।” निवेशकों की निगाहें होर्मुज जलडमरूमध्य पर टिकी हैं, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच इस क्षेत्र पर नियंत्रण को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। इससे मध्यपूर्व में तनाव बढ़ गया है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की आपूर्ति पर पड़ रहा है।
डॉलर की मजबूती और सोने पर इसका प्रभाव
इस हफ्ते अमेरिकी डॉलर में 0.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। डॉलर में यह मजबूती सोने की कीमतों पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे सोने की मांग कम हो जाती है। मध्यपूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद से डॉलर में मजबूती देखी गई है, जिसका असर सोने की कीमतों पर पड़ा है और संघर्ष शुरू होने के बाद से सोने में गिरावट आई है।
Build a better, regular income stream with LAMORC DIGITAL. Join as our partner today.
पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।