LAMORC DIGITAL

FY26 में ETF में ₹1.8 लाख करोड़ का रिकॉर्ड निवेश

FY26 में ETF निवेश का नया कीर्तिमान

पिछले वित्तीय वर्ष 2026 में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में निवेशकों का उत्साह चरम पर रहा। जीरोधा फंड हाउस के एक विश्लेषण के अनुसार, FY26 में ईटीएफ में ₹1.81 लाख करोड़ से अधिक का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया, जो किसी भी वित्तीय वर्ष में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों से पता चलता है कि यह निवेश, FY22 में ₹83,390 करोड़ के पिछले रिकॉर्ड को दोगुने से भी अधिक पार कर गया है। इससे पहले, FY21 से FY25 के बीच ईटीएफ में सालाना निवेश ₹46,000 करोड़ से ₹83,000 करोड़ के दायरे में ही रहा था।

कमोडिटी ईटीएफ का दबदबा और निवेशकों का बदलता रुख

FY26 में ईटीएफ में इस रिकॉर्ड तोड़ निवेश का मुख्य श्रेय कमोडिटी ईटीएफ, विशेष रूप से गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ को जाता है। इन दोनों श्रेणियों में कुल ₹99,280 करोड़ का निवेश आया, जो कुल ईटीएफ इनफ्लो का लगभग 55% था। इसमें गोल्ड ईटीएफ में ₹68,868 करोड़ और सिल्वर ईटीएफ में ₹30,412 करोड़ का निवेश शामिल है। वहीं, इक्विटी ईटीएफ में ₹77,780 करोड़ (कुल निवेश का लगभग 43%) और डेट ईटीएफ में ₹4,066 करोड़ का निवेश हुआ।

जीरोधा म्यूचुअल फंड के सीईओ विशाल जैन के अनुसार, भारत में ईटीएफ का बाजार, जो अब तक मुख्य रूप से इक्विटी-केंद्रित था, FY26 में एक महत्वपूर्ण बदलाव का गवाह बना। उन्होंने बताया कि गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में इक्विटी ईटीएफ से अधिक निवेश इस बात का संकेत है कि निवेशक अब अपने पोर्टफोलियो को विविधतापूर्ण बनाने के लिए ईटीएफ का अधिक उपयोग कर रहे हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि FY24 तक कमोडिटी ईटीएफ का कुल निवेश में हिस्सा 17% से भी कम था।

गोल्ड ईटीएफ में अभूतपूर्व वृद्धि

FY26 में गोल्ड ईटीएफ में शुद्ध निवेश पिछले पांच वर्षों के कुल निवेश से दोगुना से भी अधिक रहा। FY21 से FY25 के बीच जहां लगभग ₹30,200 करोड़ का निवेश आया था, वहीं अकेले FY26 में ₹68,868 करोड़ का निवेश दर्ज किया गया। मार्च 2025 में गोल्ड ईटीएफ का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) लगभग ₹59,000 करोड़ था, जो मार्च 2026 तक बढ़कर ₹1.71 लाख करोड़ से अधिक हो गया।

जीरोधा फंड हाउस की रिपोर्ट में इस तीव्र वृद्धि के पीछे कर व्यवस्था को एक संभावित कारण बताया गया है। गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ पर 12 महीने बाद ही लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है, जबकि भौतिक सोने के लिए यह अवधि दो साल है। 2022 में शुरू हुए सिल्वर ईटीएफ में FY26 के दौरान ₹30,000 करोड़ से अधिक का निवेश आया, जो मार्च 2025 में ₹15,339 करोड़ के कुल एसेट से काफी अधिक है। चांदी की कीमतों में आई तेजी ने भी निवेशकों की रुचि बढ़ाई।

ईटीएफ बाजार में बढ़ी ट्रेडिंग गतिविधि

ईटीएफ इनफ्लो के मामले में FY26 का सबसे मजबूत महीना जनवरी 2026 रहा, जब ₹39,000 करोड़ से अधिक का निवेश हुआ। यह वृद्धि वैश्विक बाजार में अनिश्चितता के माहौल में गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ की मजबूती के कारण हुई। ईटीएफ बाजार में ट्रेडिंग गतिविधि में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। FY21 में जहां दैनिक औसत टर्नओवर ₹237 करोड़ था, वहीं अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच यह बढ़कर ₹4,200 करोड़ से अधिक हो गया। यह वृद्धि मुख्य रूप से कमोडिटी ईटीएफ के कारण हुई, जिनका दैनिक औसत टर्नओवर लगभग ₹2700 करोड़ रहा, जबकि इसी अवधि में इक्विटी ईटीएफ का दैनिक औसत टर्नओवर ₹745 करोड़ था।

Build a better, regular income stream with LAMORC DIGITAL. Join as our partner today.

Become Our Partner Now

पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।

यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top