बैंक शेयरों में हाल के दिनों में बड़ा दबाव दिखने के बाद, यह समझना महत्वपूर्ण है कि इसके पीछे क्या कारण हैं।
बैंक शेयरों पर दबाव के मुख्य कारण
- क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल: क्रूड ऑयल की कीमतें 125 डॉलर प्रति बैरल के पार चल गईं, जिससे बैंकों के मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है।
- महंगे क्रूड का असर: महंगे क्रूड के कारण इनफ्लेशन बढ़ने का खतरा है, जिससे इंटरेस्ट रेट्स बढ़ सकते हैं और बॉन्ड यील्ड में उछाल आ सकता है।
- होर्मुज बंद होने का असर: अमेरिका-ईरान में बातचीत नहीं होने से होर्मुज बंद है, जिससे क्रूड की सप्लाई पर असर पड़ा है और इसकी कीमतें चढ़ रही हैं।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि बैंक शेयरों में दबाव के पीछे क्या कारण हैं और इसके परिणामस्वरूप क्या हो सकता है। यह जानकारी व्यक्तिगत निवेश निर्णय लेने में मदद कर सकती है।
बैंक शेयरों पर 30 अप्रैल को बड़ा दबाव दिखा। इससे बैंक निफ्टी 1.5 फीसदी तक गिर गया। हालांकि, बाद में इसमें कुछ रिकवरी आई। इसकी वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल है। एक्सिस बैंक, एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दिखी।
महंगे क्रूड का असर बैंकों के मुनाफे पर पड़ सकता है
क्रूड ऑयल में उछाल से इनफ्लेशन बढ़ने का रिस्क है। इससे इंटरेस्ट रेट्स बढ़ सकते हैं और बॉन्ड यील्ड में उछाल आ सकता है। इसका असर ट्रेजरी गेंस पर पड़ेगा और बैंकों की बॉरोइंग कॉस्ट बढ़ जाएगी। इससे बैंकों का प्रॉफिट घट सकता है। 30 अप्रैल को क्रूड ऑयल एक समय 125 डॉलर प्रति बैरल के पार चल गया था।
बैंक निफ्टी एक महीने में 7 फीसदी चढ़ा
बैंक निफ्टी एक महीने में करीब 7 फीसदी चढ़ा है। लेकिन, 2026 में यह करीब 8 फीसदी गिरा है। पिछले कुछ सत्रों से बैंक निफ्टी पर दबाव दिखा है। एसबीआई सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह ने कहा, “बैंक निफ्टी के लिए अगला सपोर्ट 55000-54,900 की रेंज में है। अगर यह इस रेंज से नीचे जाता है तो यह 54,600 तक पहुंच सकता है। इसके बाद यह 54,300 की तरफ बढ़ सकता है।” उन्होंने कहा कि तेजी की स्थिति में बैंक निफ्टी के लिए 55,900-56,000 की रेंज में रेसिस्टेंस है।
अमेरिका-ईरान में बातचीत नहीं होने से दबाव में बाजार
अमेरिका और ईरान में दूसरे दौर की बातचीत में हो रही देर का असर मार्केट के सेंटिमेंट पर पड़ा है। दोनों पक्षों में से कोई झुकने को तैयार नहीं है। इससे होर्मुज बंद है। इस वजह से क्रूड की सप्लाई पर असर पड़ा है, जिससे इसकी कीमतें चढ़ रही हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक होर्मुज खुल नहीं जाता है, क्रूड की कीमतों में नरमी की उम्मीद नहीं है।
30 अप्रैल को बड़ी गिरावट के बाद मार्केट में रिकवरी
30 अप्रैल को क्रूड में उछाल से शेयर बाजारों पर बड़ा दबाव दिखा। हालांकि, बाद में मार्केट में अच्छी रिकवरी दिखी। एक समय 1200 अंक तक फिसलने वाला सेंसेक्स काफी हद तक संभलने में कामयाब रहा। 2:40 बजे यह 261 अंक गिरकर 77,229 पर चल रहा था। निफ्टी 96 अंक गिरकर 24,082 पर चल रहा था। आज हफ्ते का आखिरी कारोबारी दिन है। 1 मई यानी शुक्रवार को शेयर बाजारों में कारोबार नहीं होगा। बीएसई और एनएसई महाराष्ट्र दिवस के मौके पर बंद रहेंगे।
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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।