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एल्केम लैब्स को झटका – 7 आपत्तियां, 12 दिनों की जांच के बाद

एल्केम लैब्स को झटका – 7 आपत्तियां, 12 दिनों की जांच के बाद

फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी एल्केम लैब्स को नियामकीय जांच का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह ये है कि अमेरिकी दवा नियामक FDA ने हाल ही में दमन के अमालिया में स्थित इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की जांच के बाद निरीक्षण संबंधी ऑब्जर्वेशंस जारी किए हैं।

  • एल्केम लैब्स को 12 दिनों की जांच के बाद 7 आपत्तियां मिली हैं।
  • अमेरिकी दवा नियामक FDA ने 20 अप्रैल से 1 मई तक एल्केम लैब्स के दमन के अमालिया में स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की जांच की।
  • जांच के बाद FDA ने फॉर्म 483 जारी किया, जिसमें सात ऑब्जर्वेशंस पाई गईं।

पाठकों को यह जानकारी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एल्केम लैब्स के शेयरों की चाल को प्रभावित कर सकती है। एल्केम लैब्स के शेयर पिछले साल 10 जुलाई 2025 को बीएसई पर ₹4,716.75 के भाव पर थे, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 6 महीने में यह 25.79% उछलकर 13 जनवरी 2026 को ₹5,933.00 पर पहुंच गया था।

Alkem Labs News: फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी एल्केम लैब्स को नियामकीय जांच का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह ये है कि अमेरिकी दवा नियामक FDA (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) ने हाल ही में दमन के अमालिया में स्थित इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की जांच के बाद निरीक्षण संबंधी ऑब्जर्वेशंस जारी किए हैं। अब इसका असर 4 मई को स्टॉक मार्केट खुलने पर एल्केम लैब्स के शेयरों पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 30 अप्रैल को बीएसई को कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में 1.14% की बढ़त के साथ ₹5,404.05 (Alkem Labs Share Price) पर बंद हुआ था।

12 दिनों की जांच के बाद Alkem Labs को झटका

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 20 अप्रैल से 1 मई यानी 12 दिनों तक एल्केम लैब्स के दमन के अमालिया में स्थित इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की जांच की। कंपनी ने 2 मई को एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। इस जांच के बाद एफडीए ने फॉर्म 483 जारी किया, जिसमें सात ऑब्जर्वेशंस पाई गई। एफडीएम के फॉर्म 483 को औपचारिक तौर पर जांच में मिली आपत्तियों के नोटिस के रूप में जाना जाता है। इसे जांच पूरी होने के बाद कंपनी के मैनेजमेंट को तब जारी किया जाता है, जब FD&C (फूड, ड्रग एंड कॉस्मेटिक) एक्ट के किसी नियम के उल्लंघन का संकेत मिलता है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज, क्वालिटी सिस्टम्स या प्रोडक्ट सेफ्टी से जुड़ी चिंताओ का खुलासा किया जाता है।

जांच पूरी होने के बाद एल्केम लैब्स को एफडीए से फॉर्म 483 मिला है। कंपनी का कहना है कि एफडीए ने जो भी सात आपत्तियां उठाई हैं, उस पर एक तय समय के भीतर काम किया जाएगा। हालांकि एल्केम लैब ने यह नहीं बताया कि जो सवाल उठे हैं यानी जो आपत्तियां आई हैं, वह किस प्रकार की हैं। बता दें कि यह ऐसे समय में हुआ है, जब कंपनी ने मार्च में ऐलान किया था कि दमन में इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी को माल्टा मेडिसिन्स अथॉरिटी से जीएमपी कंप्लॉयंस सर्टिफिकेट मिला है। यह सर्टिफिकेट 9 दिसंबर 2025 को जांच के बाद जारी किया गया था और यह तीन साल के लिए वैलिड है। इससे EU GMP (यूरोपीय यूनियन गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज) के कंप्लॉयंस की पुष्टि करता है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

एल्केम लैब के शेयर पिछले साल 10 जुलाई 2025 को बीएसई पर ₹4,716.75 के भाव पर थे, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 6 महीने में यह 25.79% उछलकर 13 जनवरी 2026 को ₹5,933.00 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।

यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।

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