अक्षय तृतीया 2026: सोने-चांदी में निवेश का सही समय?
अक्षय तृतीया, जिसे भारतीय परंपरा में धन और समृद्धि के लिए एक शुभ दिन माना जाता है, इस बार सोने और चांदी में निवेश करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर लेकर आ रहा है। पिछले साल इन कीमती धातुओं में जबरदस्त उछाल देखा गया था, और 2026 की शुरुआत में भी यह तेजी जारी रही। सोने की कीमतें ₹2.30 लाख प्रति दस ग्राम के रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गईं, जबकि एक किलो चांदी ₹4.39 लाख के रिकॉर्ड उच्च स्तर तक जा पहुंची। हालांकि, इसके बाद कीमतों में गिरावट आई, जिससे सोने में लगभग 33% की कमी आकर यह ₹1.55 लाख के स्तर पर आ गया, और चांदी में लगभग 41% की गिरावट के साथ यह ₹2.49 लाख तक लुढ़क गया। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या यह गिरावट खरीदारी का एक अच्छा मौका है, या हमें और अधिक गिरावट का इंतजार करना चाहिए?
बाजार की चाल और विशेषज्ञ राय
2026 में बुलियन बाजार, यानी सोने और चांदी की कीमतों पर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक घटनाओं और केंद्रीय बैंकों की नीतियों का गहरा प्रभाव देखा जा रहा है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका बढ़ी और निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं कम हो गईं। 9 मार्च को ब्रेंट ऑयल फ्यूचर्स प्रति बैरल लगभग $120 के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गए थे।
हालांकि, ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम की उम्मीदों के चलते कच्चा तेल फिलहाल गिरकर लगभग $90 प्रति बैरल पर आ गया है। इसके बावजूद, कमोडिटी विश्लेषकों का मानना है कि यदि अगले छह महीनों तक तेल की कीमतें $80-$90 के बीच बनी रहती हैं, तो वैश्विक स्तर पर महंगाई फिर से बढ़ सकती है। कोटक सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी प्रमुख अनिंद्य बनर्जी ने कहा कि ऐसी स्थिति में वैश्विक केंद्रीय बैंकों को ‘स्टैगफ्लेशन’ (धीमी अर्थव्यवस्था के साथ उच्च महंगाई) की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे समय में, केंद्रीय बैंक महंगाई को नियंत्रित करने के बजाय आर्थिक विकास को प्राथमिकता दे सकते हैं, जिससे वास्तविक ब्याज दरें नकारात्मक हो सकती हैं और यह सोने की कीमतों के लिए अनुकूल साबित हो सकता है। बनर्जी का अनुमान है कि 2026 की दूसरी छमाही से सोने की कीमतें धीरे-धीरे बढ़कर प्रति औंस $5,500 से $5,600 तक पहुंच सकती हैं।
क्वांटम एएमसी के मुख्य निवेश अधिकारी चिराग मेहता के अनुसार, सोने की कीमतों को समर्थन देने वाले कारक अभी भी मजबूत बने हुए हैं। उनका कहना है कि कई प्रमुख देशों में सरकारी कर्ज और राजकोषीय घाटा लगातार बढ़ रहा है। दीर्घकालिक आर्थिक विकास को बनाए रखने के लिए, केंद्रीय बैंकों को अनुकूल ब्याज दरें बनाए रखने की आवश्यकता होगी। साथ ही, दुनिया की प्रमुख आरक्षित मुद्रा के रूप में अमेरिकी डॉलर का प्रभुत्व धीरे-धीरे कम हो रहा है। मेहता का मानना है कि जैसे ही तरलता (लिक्विडिटी) की समस्या कम होगी, केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की मांग फिर से मजबूत हो सकती है।
भारत में सोने का महत्व
भारत में सोना केवल एक निवेश संपत्ति नहीं है, बल्कि यह सदियों से सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व रखता है। शुभ अवसरों पर सोना खरीदना एक आम रिवाज है। InCred Money के अनुसार, भारतीय परिवारों के पास दुनिया के कुल सोने का लगभग 11% से 16% हिस्सा है, जो अमेरिका, जर्मनी, इटली और रूस जैसे प्रमुख स्वर्ण-धारक देशों के कुल आरक्षित सोने से भी अधिक है। एक समय ऐसा भी था जब भारत में निजी सोने का भंडार देश की जीडीपी से 100% से भी अधिक था। आज भी, भारत के हर तीन परिवारों में से एक परिवार के पास सोना एक दीर्घकालिक संपत्ति के रूप में मौजूद है।
अक्षय तृतीया 2026: खरीदारी के शुभ मुहूर्त
इस अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए, शुभ मुहूर्त जानना महत्वपूर्ण है। आज, अक्षय तृतीया के दिन, सुबह और शाम दोनों समय खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं।
- सोना खरीदने का शुभ समय: [यहां आज के लिए विशिष्ट शुभ मुहूर्त का उल्लेख करें, यदि उपलब्ध हो]
- चांदी खरीदने का शुभ समय: [यहां आज के लिए विशिष्ट शुभ मुहूर्त का उल्लेख करें, यदि उपलब्ध हो]
विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि आप इस अक्षय तृतीया पर निवेश करते हैं, तो अगली अक्षय तृतीया तक आपको अच्छा रिटर्न मिल सकता है, जो कि बाजार की मौजूदा परिस्थितियों और विशेषज्ञों की भविष्यवाणियों पर आधारित है।
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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।