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8वें वेतन आयोग का फैसला: 31 मई तक जमा करें मेमोरेंडम

8वें वेतन आयोग का फैसला: 31 मई तक जमा करें मेमोरेंडम

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक राहत भरी खबर है। 8वें वेतन आयोग ने मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि को 30 अप्रैल से बढ़ाकर अब 31 मई कर दिया है।

  • मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि 31 मई तक बढ़ाई गई है।
  • अब सभी सबमिशन केवल आयोग द्वारा निर्दिष्ट ऑनलाइन लिंक के माध्यम से ही किए जा सकेंगे।
  • NC-JCM ने पे कमीशन से 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी वर्तमान के ₹18,000 से बढ़कर ₹69,000 हो सकता है।

पाठकों को यह जानकारी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनकी वेतन और भत्तों से जुड़ी अपडेट के बारे में है। यह जानकारी उन्हें अपने वेतन और भत्तों के बारे में सूचित रखने में मदद करेगी।

8th Pay Commission Update: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक राहत भरी खबर है। 8वें वेतन आयोग ने मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि को 30 अप्रैल से बढ़ाकर अब 31 मई कर दिया है। नेशनल काउंसिल (NC-JCM) की मांग पर विचार करते हुए आयोग ने यह फैसला लिया है, जिससे अब विभिन्न संगठनों को अपनी मांगों को विस्तार से रखने के लिए अधिक समय मिल सकेगा।

31 मई तक का समय, लेकिन जमा करने का तरीका बदला

आयोग ने मेमोरेंडम जमा करने का समय तो बढ़ा दिया है, लेकिन जमा करने के तरीके को लेकर नियम सख्त कर दिए हैं। अब सभी सबमिशन केवल आयोग द्वारा निर्दिष्ट ऑनलाइन लिंक के माध्यम से ही किए जा सकेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पेपर-आधारित मेमोरेंडम, हार्ड कॉपी, पीडीएफ (PDF) या ईमेल के जरिए भेजे गए ज्ञापनों पर विचार नहीं किया जाएगा। मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकृत नोडल अधिकारी एक निर्धारित स्ट्रक्चर्ड फॉर्मेट में अपने सुझाव ऑनलाइन दे सकते हैं।

क्यों बढ़ाई गई डेडलाइन?

नेशनल काउंसिल फॉर जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी(NC-JCM) ने मंगलवार को आयोग की चेयरपर्सन रंजना प्रकाश देसाई से मुलाकात की थी। कर्मचारी संगठनों का कहना था कि कई संगठन और पेंशनभोगी एसोसिएशन ऑनलाइन ज्ञापन जमा करने में कठिनाई महसूस कर रहे थे। 28 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच दिल्ली में हुई महत्वपूर्ण चर्चाओं के बाद यह विस्तार दिया गया है। वैसे ये डेडलाइन बढ़ने से फिटमेंट फैक्टर पर अंतिम फैसला आने में देरी हो सकती है जिससे कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी पाने के लिए और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

फिटमेंट फैक्टर और सैलरी को लेकर क्या हैं मुख्य मांगें?

इस बार कर्मचारियों की नजर सबसे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर पर है, जो सैलरी बढ़ाने का मुख्य आधार होता है:

₹69,000 न्यूनतम वेतन: NC-JCM ने पे कमीशन से 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। अगर इसे मान लिया जाता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी वर्तमान के ₹18,000 से बढ़कर ₹69,000 हो सकता है।

सालाना इंक्रीमेंट: मेमोरेंडम में 6% वार्षिक वेतन वृद्धि की मांग की गई है।

प्रमोशन और ग्रेच्युटी: प्रमोशन के समय दो अतिरिक्त इंक्रीमेंट से न्यूनतम ₹10,000 का लाभ और एक महीने के वेतन के बराबर ग्रेच्युटी की भी मांग रखी गई है।

31 मई को मेमोरेंडम जमा करने की नई समय-सीमा समाप्त होने के बाद, 8वां वेतन आयोग सभी प्राप्त सुझावों और डेटा का गहन विश्लेषण शुरू करेगा। इस प्रक्रिया के दौरान, आयोग विभिन्न कर्मचारी संघों, मंत्रालयों और केंद्र शासित प्रदेशों के नोडल अधिकारियों द्वारा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भेजी गई मांगों, विशेषकर 3.83 के फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन को ₹69,000 करने जैसे प्रस्तावों पर विचार करेगा।

इसके बाद चेयरपर्सन रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पैनल प्रमुख स्टेकहोल्डर्स के साथ अगले दौर की चर्चाएं करेगा ताकि वित्तीय बोझ और कर्मचारियों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाया जा सके। अंत में आयोग अपनी विस्तृत रिपोर्ट और सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगा, जिसके आधार पर कैबिनेट वेतन वृद्धि और भत्तों पर अंतिम निर्णय लेकर उन्हें लागू करने की समय-सीमा तय करेगी।

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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।

यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।

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