केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण मांग है कि उन्हें OPS में स्विच करने का मौका मिले।
8वें वेतन आयोग के सामने AINPSEF की मांगें
- NPS के सब्सक्राइबर्स के लिए OPS में स्विच करने का विकल्प
- सरकारी खजाने पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ने के लिए सरकार का योगदान और रिटर्न रखने की सिफारिश
- शिक्षकों के लिए सेवा की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव
- केंद्रीय संस्थानों के शिक्षकों की तर्ज पर अन्य केंद्रीय सरकारी शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की मांग
- एक स्टैंडर्ड लीव स्ट्रक्चर का सुझाव, जिसमें सालाना 14 दिन की CL, 30 दिन की EL और 20 दिन की मेडिकल लीव
इन मांगों को लेकर AINPSEF ने 8वें वेतन आयोग के सामने अपनी बात रखी है। यह मांगें केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण हैं और उन्हें अपने भविष्य के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करती हैं।
8th pay commission: 8वां वेतन आयोग फिलहाल देश भर के केन्द्रीय कर्मचारियों से सैलरी, भत्तों और पेंशन को लेकर चर्चा कर रहा है। इसी बीच देश में पेंशन सुधारों को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) ने 8वें वेतन आयोग के सामने अपनी महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। फेडरेशन ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के सब्सक्राइबर्स के लिए एक ऐसा विकल्प मांगा है जिससे वे एक निश्चित सेवा अवधि के बाद पुरानी पेंशन योजना (OPS) में स्विच कर सकें।
NPS सब्सक्राइबर्स को मिले OPS का विकल्प
30 अप्रैल 2026 को 8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई के साथ हुई बैठक में फेडरेशन ने अपनी कई मांगें रखीं। फेडरेशन ने प्रस्ताव दिया है कि जो केंद्रीय कर्मचारी NPS के तहत आते हैं, उन्हें कुछ वर्षों की सेवा पूरी करने के बाद OPS चुनने का मौका दिया जाना चाहिए। AINPSEF के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल के अनुसार, सरकार अपना योगदान और उस पर मिला रिटर्न रख सकती है, जबकि कर्मचारी अपना योगदान और उसका लाभ ले सकते हैं। इससे सरकारी खजाने पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा और कर्मचारियों को पेंशन की निश्चितता मिलेगी। फेडरेशन ने पहले NPS को पूरी तरह खत्म करने की मांग की थी, जिसे आयोग का समर्थन नहीं मिला।
रिटायरमेंट की उम्र भी बढ़ाने की मांग
पेंशन के अलावा, फेडरेशन ने शिक्षकों के लिए सेवा की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। केंद्रीय संस्थानों के शिक्षकों की तर्ज पर अन्य केंद्रीय सरकारी शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र भी 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की मांग की गई है। फेडरेशन का तर्क है कि जब UGC के तहत आने वाले शिक्षकों को यह लाभ मिलता है, तो केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) और केंद्रीय स्वायत्त निकायों के शिक्षकों को भी यही सुविधा मिलनी चाहिए।
सभी के लिए बने एक स्टैंडर्ड लीव स्ट्रक्चर
AINPSEF ने कर्मचारियों के लिए एक स्टैंडर्ड लीव स्ट्रक्चर का भी सुझाव दिया है। सालाना 14 दिन की कैजुअल लीव (CL), 30 दिन की अर्न लीव (EL) और 20 दिन की मेडिकल लीव की मांग की गई है। सर्विस में शामिल होने के समय कर्मचारियों के लिए 45 दिनों की ‘सोशल ऑब्लिगेशन लीव’ का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसके साथ ही अक्सर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जारी आदेश UTs और CABs तक देरी से पहुंचते हैं। फेडरेशन ने मांग की है कि सभी विभागों के लिए आदेश एक साथ जारी किए जाएं ताकि समय पर कार्यान्वयन हो सके।
Build a better, regular income stream with LAMORC DIGITAL. Join as our partner today.
पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।