सेंसेक्स 609 अंक चढ़कर बंद, निफ्टी 24170 के पार; निवेशकों को पढ़ते समय सबसे जरूरी बात यह है कि खबर के मुख्य तथ्य वही रहें, लेकिन पाठक को संदर्भ साफ और सरल भाषा में मिले।
अपडेट को आसान भाषा में समझें
पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
ध्यान देने वाली बातें
- मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप बढ़कर 4,68,61,807.98 करोड़ रुपये हो गया।
- निफ्टी के सेक्टोरल इंडेक्सेज में सबसे ज्यादा 1.75 प्रतिशत FMCG इंडेक्स…
- मंगलवार को गिरावट झेलने के बाद बुधवार, 29 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में लौट आए।
- दिन में सेंसेक्स और निफ्टी ने शानदार तेजी देखी और निवेशकों का तगड़ा मुनाफा कराया।
LAMORC DIGITAL का संदर्भ
नीचे दिया गया विस्तृत हिस्सा मूल अपडेट की जानकारी को सुरक्षित रखते हुए रखा गया है, ताकि पाठक पूरी पृष्ठभूमि और जरूरी विवरण एक ही जगह देख सकें।
मंगलवार को गिरावट झेलने के बाद बुधवार, 29 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में लौट आए। दिन में सेंसेक्स और निफ्टी ने शानदार तेजी देखी और निवेशकों का तगड़ा मुनाफा कराया। हालांकि बाद में तेजी की रफ्तार थोड़ी थीमी पड़ गई लेकिन क्लोजिंग बढ़त में ही हुई। मार्केट बंद होने पर निवेशकों की दौलत में 1.96 लाख करोड़ रुपये की बढ़त दर्ज की गई।
सुबह सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में खुले। इसके बाद सेंसेक्स ने पिछली क्लोजिंग से 1095.6 अंकों की तेजी देखी और 77,982.51 के हाई तक चला गया। इसी तरह निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से लगभग 339 अंक उछलकर 24,334.70 के हाई तक गया। बाद में कच्चे तेल की कीमत में फिर से उछाल की वजह से बाजार थोड़ा फिसला। ब्रेंट क्रूड की कीमत चढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल तक चली गई। एक वजह यह भी रही कि मार्केट में अच्छी तेजी के बाद प्रॉफिट बुकिंग होने लगी। कारोबार बंद होने पर सेंसेक्स 609.45 अंकों की बढ़त के साथ 77,496.36 पर और निफ्टी 181.95 अंकों की बढ़त के साथ 24,177.65 पर सेटल हुआ।
मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप बढ़कर 4,68,61,807.98 करोड़ रुपये हो गया। एक दिन पहले यह 4,66,66,067.811 करोड़ रुपये था। इस तरह मार्केट कैप में 1,95,740.169 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। निफ्टी के सेक्टोरल इंडेक्सेज में मीडिया, फाइनेंशियल सर्विसेज, पीएसयू बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में गिरावट दिखी। अन्य में तेजी दर्ज की गई। सबसे ज्यादा 1.75 प्रतिशत एफएमसीजी इंडेक्स चढ़ा। उसके बाद ऑटो इंडेक्स रहा, जिसमें 1.15 प्रतिशत की तेजी देखी गई।
क्यों आई बाजार में तेजी
शेयर बाजार में 29 अप्रैल को आई तेजी की एक वजह वैल्यू बाइंग मानी जा रही है। पिछले कारोबारी सत्र में आई गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की। इससे बाजार चढ़ा। इसके अलावा दूसरे एशियाई बाजारों जैसे कि हेंग सेंग, कॉस्पी, सेट कंपोजिट, शंघाई कंपोजिट, जकार्ता कंपोजिट में आई बढ़त की वजह से भी भारतीय बाजार गुलजार रहे। इसके अलावा यह भी माना जा रहा है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से गिरावट रोकने में मदद मिली। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 2,103.74 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1,712.01 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
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एक दिन पहले कितना टूटा था बाजार
एक दिन पहले यानि कि 28 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजारों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बाजार में पहले गिरावट, फिर तेजी और फिर गिरावट छाई। कारोबार बंद होने पर सेंसेक्स 416.72 अंकों की गिरावट के साथ 76,886.91 पर और निफ्टी 97 अंकों की गिरावट के साथ 23,995.70 पर सेटल हुआ।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।