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Vedanta के अनिल अग्रवाल के खिलाफ FIR, सपोर्ट में आए

वेदांता के अनिल अग्रवाल के खिलाफ FIR: उद्योग जगत का समर्थन

वेदांता के फाउंडर और चेयरमैन अनिल अग्रवाल के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार ने एफआईआर दर्ज की है, जिसमें 10 लोगों के खिलाफ मामला है। इस हादसे में 23 वर्कर्स की जान चली गई थी।

  • कुरुक्षेत्र से सांसद नवीन जिंदल ने अनिल अग्रवाल के समर्थन में आवाज उठाई है, जिसने कहा कि जांच पूरी होने से पहले उनका नाम एफआईआर में शामिल करना गंभीर चिंता का विषय है।
  • दिग्गज निवेशक विजय केडिया ने भी अनिल अग्रवाल का समर्थन किया है, जिसने कहा कि जवाबदेही एकसमान होनी चाहिए, सेलेक्टिव नहीं।
  • इन्फोसिस के पूर्व सीएफओ मोहनदास पाई ने कहा कि अनिल अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना गलत है, क्योंकि जिस स्थान पर व्यक्ति सीधे जिम्मेदार नहीं है, वहां उस पर अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदारी नहीं डाली जा सकती।

पाठकों को यह जानना जरूरी है कि कैसे उद्योग जगत के बड़े नाम अनिल अग्रवाल के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे क्या होता है।

घरेलू स्टॉक मार्केट में लिस्टेड दिग्गज माइनिंग कंपनी वेदांता के फाउंडर और चेयरमैन अनिल अग्रवाल के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार ने एफआईआर दर्ज की है। यह मामला वेदांता के एक प्लांट में हुए हादसे से जुड़ा है और इसमें अनिल अग्रवाल समेत 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई है। इस हादसे में 23 वर्कर्स की जान चली गई थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद से अभी तक अनिल अग्रवाल की तरफ से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, तो दूसरी तरफ इंडस्ट्री के कई बड़े नाम ने उनके समर्थन में आवाज उठाई है।

Vedanta चेयरमैन के सपोर्ट में किसने क्या कहा?

कुरुक्षेत्र से सांसद और जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व नाम Twitter) पर कहा कि जांच पूरी होने से पहले अनिल अग्रवाल का नाम एफआईआर में शामिल करना गंभीर चिंता का विषय है। उनका कहना है कि जिस प्लांट में हादसा हुआ है, उसके ऑपरेशंस में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।

The tragedy in Chhattisgarh is deeply painful. 20 families have lost everything. Proper compensation, livelihood support for the families, and a thorough investigation are non-negotiable.

नवीन जिंदल ने एक और पोस्ट में उद्योग संगठनों को टैग करते हुए इस कानूनी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देने की अपील की। जिंदल की पोस्ट पर पारस ग्रुप के प्रवेश जैन ने जवाबी प्रतिक्रिया में कहा कि नवीन जिंदल जी, आपका दिल कहां है? छत्तीसगढ़ में 20 परिवार तबाह हो गए हैं—पिता, पति और बेटे इस प्लांट में मारे गए, उनके घर के कमाने वाले हमेशा के लिए चले गए।

Industry chambers @FollowCII, @ASSOCHAM4India, @ficci_india, @phdchamber and @ICC_Chamber, you have a responsibility beyond conferences and policy papers. When due process is bypassed and investor confidence is threatened, as in the case of the baseless FIR filed against Shri… https://t.co/4toxlKkCTW — Naveen Jindal (@MPNaveenJindal) April 18, 2026

दिग्गज निवेशक विजय केडिया ने X पर एक क्रिप्टिक पोस्ट में अनिल अग्रवाल का सपोर्ट किया है। उन्होंने लिखा कि यदि किसी फैक्ट्री में हादसे पर प्रमोटर के खिलाफ एफआईआर होती है, तो ट्रेन हादसे पर रेल मंत्री और विमान दुर्घटना पर एविएशन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जवाबदेही एकसमान होनी चाहिए, सेलेक्टिव नहीं।

If a factory accident = FIR on the promoter, then.. Train accident → FIR on the Railway Minister? Air crash → FIR on aviation authorities? Pothole death → FIR on the Municipal Commissioner?

इन्फोसिस के पूर्व सीएफओ मोहनदास पाई का कहना है कि अनिल अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना गलत है, क्योंकि जिस स्थान पर व्यक्ति सीधे जिम्मेदार नहीं है, वहां उस पर अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदारी नहीं डाली जा सकती।

Very very wrong to file a FIR against @AnilAgarwal_Ved vicarious liability cannot be fixed on a person who is not responsible for that particular place. He is not the Occupier A total over reach creating fear in industry. Minister @arjunrammeghwal @PiyushGoyal please have a look. https://t.co/mumkIj68BE — Mohandas Pai (@TVMohandasPai) April 18, 2026

शुरुआती जांच में क्या सामने?

अनिल अग्रवाल ने एफआईआर को लेकर अभी कुछ कहा नहीं है लेकिन 14 अप्रैल को हुए विस्फोट के बाद उन्होंने पीड़ितों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया था।

Deeply saddened by the tragic accident at the Singhitarai plant in Chhattisgarh.

बता दैं कि इंडस्ट्रियल सेफ्टी डिपार्टमेंट की शुरुआती जांच में प्लांट में सेफ्टी से जुड़े नियमों के पालन में लापरवाही की बात सामने आई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मैनेजमेंट और संबंधित कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया है। घटना के कारणों की व्यापक जांच अभी जारी है।

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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।

यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।

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