धोनी की टैक्स प्रदर्शनी: एक नज़र में
भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी ने एक बार फिर से अपनी अद्वितीय प्रतिभा का प्रदर्शन किया है, लेकिन इस बार यह उनकी टैक्स प्रदर्शनी के रूप में है।
- धोनी ने पिछले वित्त वर्ष में ₹50 करोड़ से ज्यादा का एडवांस टैक्स जमा किया है।
- बिहार और झारखंड में टैक्स चुकाने के मामले में धोनी नंबर वन नकर उभरे हैं।
- विभाग ने आधिकारिक तौर पर सटीक राशि का खुलासा नहीं किया है, लेकिन बिहार-झारखंड के मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. डी. सुधाकर राव ने पुष्टि की है कि इंडिविजुअल लेवल पर टैक्स भरने के मामले में धोनी दोनों राज्यों में नंबर-1 पर रहे हैं।
यह धोनी के विभिन्न बिजनेस वेंचर्स, विज्ञापनों और IPL से होने वाली आय का हिस्सा है। बिहार-झारखंड से ₹20,000 करोड़ का कलेक्शन आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इन दोनों राज्यों से रिकॉर्ड कर संग्रह किया है।
पाठकों को यह जानना जरूरी है कि विभाग अब ‘आउटरीच प्रोग्राम’ के जरिए टैक्स चुकाने वाले लोगों की संख्या बढ़ाने की कोशिश करेगा।
MS Dhoni Income Tax: मैदान पर हेलीकॉप्टर शॉट से छक्के छुड़ाने वाले ‘थाला’ महेंद्र सिंह धोनी ने अब एक और पिच पर भी लंबी पारी खेल डाली है। इंडिया के लिए क्रिकेट से सन्यास लेने के सालों बाद भी धोनी का जलवा आज भी बरकरार है। वैसे इस बार बल्ला नहीं, बल्कि उनका ‘भारी-भरकम’ इनकम टैक्स सुर्खियां बटोर रहा है। आयकर विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बिहार और झारखंड में टैक्स चुकाने के मामले में धोनी नंबर वन नकर उभरे हैं। धोनी केवल क्रिकेट के मैदान के ही नहीं, बल्कि टैक्स चुकाने के मामले में भी ‘कैप्टन कूल’ हैं।
धोनी ने चुकाया कितना ‘टैक्स’?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, धोनी ने पिछले वित्त वर्ष में ₹50 करोड़ से ज्यादा का एडवांस टैक्स जमा किया है। हालांकि, आयकर विभाग ने आधिकारिक तौर पर सटीक राशि का खुलासा नहीं किया है, लेकिन बिहार-झारखंड के मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. डी. सुधाकर राव ने पुष्टि की है कि इंडिविजुअल लेवल पर टैक्स भरने के मामले में धोनी दोनों राज्यों में नंबर-1 पर रहे हैं। धोनी की यह कमाई उनके विभिन्न बिजनेस वेंचर्स, विज्ञापनों और IPL से होने वाली आय का हिस्सा है।
बिहार-झारखंड से ₹20,000 करोड़ का कलेक्शन
आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इन दोनों राज्यों से रिकॉर्ड कर संग्रह किया है। बिहार और झारखंड से कुल मिलाकर ₹20,000 करोड़ का टैक्स वसूला गया।कुल संग्रह में झारखंड की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा ₹12,000 करोड़ रही। विभाग को प्राप्त कुल टैक्स का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा TDS (Tax Deduction at Source) के जरिए आया है।
ये रहे कॉर्पोरेट जगत के बड़े टैक्सपेयर्स
व्यक्तियों के अलावा सरकारी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों ने भी टैक्स कलेक्शन में भारी योगदान दिया है:
सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) CMPDI
अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण खनन गतिविधियां प्रभावित होने के बावजूद कलेक्शन संतोषजनक रहा है।
5.5 करोड़ पैन कार्ड, पर रिटर्न भरने वाले बेहद कम
डॉ. सुधाकर राव ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि बिहार और झारखंड में कुल 5.5 करोड़ पैन कार्ड धारक हैं, लेकिन इनमें से केवल 40 लाख लोग ही अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते हैं। विभाग अब ‘आउटरीच प्रोग्राम’ के जरिए इस संख्या को बढ़ाने की कोशिश करेगा।
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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।