Tax Saving Investments: पूरी बात आसान भाषा में को पढ़ते समय सबसे जरूरी बात यह है कि खबर के मुख्य तथ्य वही रहें, लेकिन पाठक को संदर्भ साफ और सरल भाषा में मिले।
अपडेट को आसान भाषा में समझें
पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
ध्यान देने वाली बातें
- Tax Saving Investments: हर साल टैक्स में ज्यादा पैसा दे रहे हैं?
- सेक्शन 80C के ये निवेश विकल्प आपकी टैक्स बचत बढ़ा सकते हैं।
- जानिए कैसे ELSS, PPF, NSC और SSY के जरिए आप कानूनी…
- Tax Saving Investments: अब मई का महीना शुरू हो गया।
LAMORC DIGITAL का संदर्भ
नीचे दिया गया विस्तृत हिस्सा मूल अपडेट की जानकारी को सुरक्षित रखते हुए रखा गया है, ताकि पाठक पूरी पृष्ठभूमि और जरूरी विवरण एक ही जगह देख सकें।
Tax Saving Investments: अब मई का महीना शुरू हो गया। देशभर में लोग इनकम टैक्स रिटर्न भरने की तैयारी तेज कर देते हैं। इसी के साथ टैक्स बचाने के तरीके भी खोजे जाते हैं, ताकि जितनी हो सके उतनी बचत की जा सके।
सेक्शन 80C के तहत मिलने वाली छूट सिर्फ पुराने टैक्स सिस्टम में ही मिलती है। नई टैक्स व्यवस्था में सरकार ने रिबेट लिमिट बढ़ा दी है, जिससे ज्यादा आय टैक्स-फ्री हो गई है। नई टैक्स व्यवस्था अपनाने वालों के लिए ₹12.75 लाख तक की आय टैक्स-फ्री हो सकती है। लेकिन इससे ऊपर की आय पर पूरा टैक्स देना पड़ता है।
सेक्शन 80C में क्या मिलता है फायदा
पुराना टैक्स सिस्टम चुनने वालों के लिए सेक्शन 80C काफी अहम है। इसके तहत निवेश, बचत, बीमा प्रीमियम और कुछ खर्चों पर टैक्स में छूट मिलती है। हालांकि इस छूट की एक सीमा है। एक वित्त वर्ष में अधिकतम ₹1.5 लाख तक के निवेश पर ही टैक्स छूट मिलती है।
ELSS: टैक्स बचत के साथ ग्रोथ
ELSS यानी Equity Linked Savings Scheme एक म्यूचुअल फंड स्कीम है, जिसमें आमतौर पर 3 साल का लॉक-इन होता है। यह बाजार से जुड़ा होता है, इसलिए इसमें उतार-चढ़ाव रहता है। लेकिन अच्छे बाजार में करीब 10% तक रिटर्न मिल सकता है। इससे टैक्स बचत के साथ पैसा बढ़ाने का मौका भी मिलता है।
PPF: सुरक्षित और टैक्स-फ्री रिटर्न
PPF यानी Public Provident Fund एक सरकारी गारंटी वाली स्कीम है। इसमें फिलहाल करीब 7.1% ब्याज मिल रहा है। इसकी अवधि 15 साल होती है। इसमें मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी अमाउंट दोनों टैक्स-फ्री होते हैं। इसलिए यह लंबे समय के निवेश के लिए काफी भरोसेमंद विकल्प है।
NSC: तय रिटर्न वाला विकल्प
NSC यानी नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट एक सीधा और सुरक्षित निवेश है। इसमें 5 साल का लॉक-इन होता है और करीब 7.7% सालाना ब्याज मिलता है। यह पोस्ट ऑफिस के जरिए आसानी से लिया जा सकता है और इसमें बाजार का कोई असर नहीं होता।
SSY: बेटी के लिए खास स्कीम
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) खास तौर पर बेटियों के लिए बनाई गई योजना है। इसमें सालाना ₹250 से ₹1.5 लाख तक निवेश किया जा सकता है। खाता बच्ची के 10 साल की उम्र से पहले खुलता है और 21 साल में मैच्योर होता है। इसमें भी टैक्स छूट मिलती है और ब्याज व मैच्योरिटी दोनों टैक्स-फ्री होते हैं।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि चाहे आप सेक्शन 80C के तहत कितनी भी स्कीमों में निवेश करें, कुल टैक्स छूट ₹1.5 लाख तक ही मिलेगी। इससे ज्यादा निवेश करने पर अतिरिक्त टैक्स फायदा नहीं मिलेगा, इसलिए निवेश करते समय इस सीमा को ध्यान में रखना जरूरी है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।