डाकघर बचत योजनाओं में बड़े बदलाव: पैन कार्ड अब अनिवार्य
यदि आप अपनी बचत को सुरक्षित रखने के लिए डाकघर की योजनाओं का लाभ उठाते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण है। सरकार ने 2026 से डाकघर के नियमों में कई अहम बदलावों की घोषणा की है। इन परिवर्तनों का उद्देश्य वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाना और कर चोरी को रोकना है। अब, डाकघर में खाता खोलने से लेकर पैसे निकालने तक की प्रक्रियाओं के लिए पैन कार्ड (Permanent Account Number) अनिवार्य कर दिया गया है।
नए नियम और उनके पीछे का कारण
भारत सरकार ने आयकर अधिनियम के तहत कुछ विशिष्ट प्रावधानों को लागू किया है, जिसके परिणामस्वरूप ये बदलाव किए गए हैं। इन सुधारों का मुख्य लक्ष्य डाकघर की बैंकिंग सेवाओं को मुख्यधारा की बैंकिंग प्रणाली के समान स्तर पर लाना है। अब डाकघर में होने वाले प्रत्येक वित्तीय लेनदेन का एक डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिससे सभी लेन-देन पर नज़र रखी जा सकेगी।
किन कामों के लिए पैन कार्ड जरूरी होगा?
नए नियमों के अनुसार, निम्नलिखित कार्यों के लिए पैन कार्ड प्रस्तुत करना आवश्यक होगा:
- नया बचत खाता खोलते समय।
- खाते में नकद जमा करते या निकालते समय।
- टाइम डिपॉजिट (TD) या अन्य निवेश योजनाओं में निवेश करते समय।
जिनके पास पैन कार्ड नहीं है, उनके लिए क्या विकल्प हैं?
सरकार ने उन ग्राहकों के लिए भी एक समाधान प्रदान किया है जिनके पास पैन कार्ड नहीं है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। ऐसे ग्राहकों को अब ‘फॉर्म 60’ के स्थान पर ‘फॉर्म 97’ भरना होगा। इस फॉर्म में, उन्हें अपनी पहचान, पते और किए जा रहे लेनदेन का विस्तृत विवरण देना होगा। यह व्यवस्था उन लेन-देन को भी ट्रैक करने में मदद करेगी जो पैन कार्ड के बिना हो रहे हैं।
फॉर्म 15G/15H की जगह लेगा नया ‘फॉर्म 121’
वरिष्ठ नागरिकों और कम आय वाले व्यक्तियों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब TDS (Tax Deducted at Source) से छूट पाने के लिए उपयोग किए जाने वाले फॉर्म 15G और 15H को समाप्त कर दिया गया है। इनकी जगह अब एक नया एकीकृत ‘फॉर्म 121’ पेश किया गया है।
इस नए फॉर्म की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- यह उन व्यक्तियों के लिए है जिनकी कुल आय कर योग्य सीमा से कम है।
- यह फॉर्म प्रत्येक वित्तीय वर्ष की शुरुआत में जमा करना होगा।
- डाकघर के अधिकारी फॉर्म के ‘पार्ट-बी’ का स्वयं सत्यापन करेंगे।
- सुरक्षा और रिकॉर्ड रखने के उद्देश्य से, इस फॉर्म को डाकघर में सात वर्षों तक संरक्षित रखा जाएगा।
ग्राहकों के लिए तत्काल राहत
हालांकि नए नियम लागू हो चुके हैं, डाकघर प्रशासन यह भी समझता है कि इन अचानक हुए बदलावों से आम जनता को कुछ असुविधा हो सकती है। इसलिए, जब तक तकनीकी प्रणालियाँ पूरी तरह से अपडेट नहीं हो जातीं, तब तक पुराने फॉर्म (15G/15H) को अस्थायी रूप से स्वीकार किया जा रहा है। हालांकि, यह सलाह दी जाती है कि निवेशक जल्द से जल्द अपने दस्तावेज़ों को नए नियमों के अनुसार अपडेट कर लें ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।
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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।