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निफ्टी के लिए नज़र: 24,300 के ऊपर जाने की संभावना कम

निफ्टी के लिए नज़र: 24,300 के ऊपर जाने की संभावना कम

निफ्टी के लिए आने वाले वाकली F&O एक्सपायरी सेशन में 24,300–24,350 के स्तरों की ओर बढ़ने के लिए फॉलो-अप खरीदारी का सपोर्ट मिलना जरूरी है।

  • 24,300 के ऊपर एक मज़बूत ट्रेड ही इंडेक्स को 24,600 की ओर ले जा सकता है।
  • 24,000 के सपोर्ट के साथ एक सीमित दायरे में ही घूमता दिख सकता है।
  • बैंक निफ्टी शॉर्ट टर्म में 54,400–55,800 की रेंज में ट्रेड कर सकता है।

निफ्टी के लिए 24,300 के ऊपर जाने की संभावना कम है, लेकिन बैंक निफ्टी के लिए 54,400–55,800 की रेंज में ट्रेड करने की संभावना है।

निफ्टी के लिए ट्रेडर्स को सतर्क रहना चाहिए और अहम सपोर्ट स्तरों पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए।

Trading Plan: Nifty को आने वाले वाकली F&O एक्सपायरी सेशन में 24,300–24,350 के स्तरों की ओर बढ़ने के लिए फॉलो-अप खरीदारी का सपोर्ट मिलना जरूरी है,क्योंकि ये स्तर अहम रेजिस्टेंस हैं। इन स्तरों के ऊपर एक मज़बूत ट्रेड ही इंडेक्स को 24,600 की ओर ले जा सकता है। इन स्तरों के ऊपर एक मज़बूत ट्रेड ही इंडेक्स को 24,600 की ओर ले जा सकता है। तब तक निफ्टी 24,000 के सपोर्ट के साथ एक सीमित दायरे में ही घूमता दिख सकता है। उधर बैंक निफ्टी शॉर्ट टर्म में 54,400–55,800 की रेंज में ट्रेड कर सकता है। इस रेंज के किसी भी तरफ एक मजबूत चाल बाज़ार को एक मज़बूत दिशा दे सकती है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

आईसीआई सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और डेरिवेटिव्स एवं क्वांट रिसर्च के हेड जय ठक्कर का कहना है कि कल निफ्टी 24,000 के स्तर से काफी ऊपर पॉज़िटिव दायरे में बंद हुआ। इस स्तर पर फ़िलहाल सबसे ज़्यादा ‘पुट'(Put) बेस मौजूद है। हालांकि,इंडेक्स में 24,300 के स्तर के आस-पास एक बार फिर ज़ोरदार बिकवाली देखने को मिली। इस स्तर पर अब तत्काल आधार पर सबसे ज़्यादा ‘कॉल'(Call) बेस मौजूद है। 24,200 के स्तर पर भी भारी ‘कॉल राइटिंग’देखने को मिली है।

इन बातों को देखते हुए,ऐसा लगता है कि वीकली एक्सपायरी 24,300 के लेवल से नीचे रह सकती है। बुल्स के लिए 24,000 का लेवल बनाए रखना ज़रूरी होगा,ताकि एक्सपायरी एक ही दायरे में बनी रहे। अगर 24,000 का लेवल नहीं टिक पाता है,तो आने वाले दिनों में और बिकवाली हो सकती है,जिससे निफ्टी 23,800 और आखिर में 23,500 तक गिर सकता है।

24,300–24,350 की रेंज से ऊपर का ब्रेकआउट एक नए ब्रेकआउट का संकेत होगा,जिसके लक्ष्य 24,800–25,000 होंगे। तब तक और अधिक कंसोलिडेशन से इनकार नहीं किया जा सकता।

अहम रेजिस्टेंस: 24,200, 24,300

अहम सपोर्ट: 24,000, 23,800

रणनीति: 24,300 के ऊपर Nifty Futures खरीदें, जिसके लक्ष्य 24,500, 24,800 और 25,000 होंगे और स्टॉप-लॉस 24,000 के नीचे रखें।

आनंद राठी के जिगर एस पटेल का कहना है कि डेली चार्ट पर,Nifty 50 DMI इंडिकेटर पर लगातार एक नेगेटिव क्रॉसओवर दिखा रहा है,जो ट्रेंड में अंदरूनी कमजोरी का संकेत है। पिछले 5–6 ट्रेडिंग सेशन में इंडेक्स को 24,300–24,350 के जोन में लगातार मज़बूत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा है और यह इसके ऊपर टिकने में नाकाम रहा है।

हाल के सत्र में भी,24,300 के स्तर के पास बिकवाली का दबाव देखने को मिला। इससे यह संकेत मिलता है कि ऊंचे स्तरों पर सप्लाई मौजूद है। बार-बार हो रहा रिजेक्शन यह दर्शाता है कि निकट भविष्य में तेजी की गति सीमित रहने की संभावना है।

ऐसे में निफ्टी कोई भी मजबूत चाल चलने से पहले,एक छोटी अवधि के पुलबैक या कंसोलिडेशन फेज में जा सकता। ट्रेडर्स को सतर्क रहना चाहिए और अहम सपोर्ट स्तरों पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए।

अहम रेजिस्टेंस: 24,300, 24,400

अहम सपोर्ट: 24,000, 23,800

रणनीति: Nifty Futures को 24,200–24,300 के दायरे में बेचें, 24,450 पर स्टॉप-लॉस रखें और 23,850 का लक्ष्य निर्धारित करें।

Market cues: पॉजिटिव रुझान के बावजूद ऊपरी स्तरों पर दबाव कायम, 24300 के ऊपर जाने पर ही निफ्टी पकड़ेगा रफ्तार

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि भू-राजनीतिक तनावों की शुरुआत से ही Bank Nifty कमजोर बना हुआ है और Nifty के मुकाबले इसका प्रदर्शन खराब रहा है। पिछले ट्रेडिंग हफ़्ते में,इस इंडेक्स में 56,200 के स्तर से भारी बिकवाली देखने को मिली,जिसके चलते यह 55,000 के स्तर से नीचे गिर गया। इसके चलते 55,000 और 56,000 के स्ट्राइक लेवल्स पर मज़बूत कॉल बेस देखने को मिले हैं,जबकि 54,000 तत्काल सपोर्ट के तौर पर काम कर रहा है।

रुझान में बदलाव के लिए इंडेक्स को 56,000 के स्तर को पार करके उसके ऊपर बंद होना होगा। यह मौजूदा करेक्शन या कंसोलिडेशन के खत्म होने और एक नए तेज़ी के रुझान की शुरुआत का संकेत होगा। तब तक,इंडेक्स के साइडवेज़ से नेगेटिव रुझान के साथ ट्रेड करने की संभावना है,और यह नज़दीकी भविष्य में निफ्टी पर दबाव डाल सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 55,000, 56,000

रणनीति: Bank Nifty Futures को 56,000 के ऊपर खरीदें, 55,000 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 57,000 तथा 58,000 का लक्ष्य रखें।

जिगर एस पटेल का कहना है कि डेली चार्ट पर Bank Nifty DMI इंडिकेटर पर लगातार एक नेगेटिव क्रॉसओवर दिखा रहा है जो ट्रेंड में अंदरूनी कमजोरी का संकेत है। पिछले दो ट्रेडिंग सेशन में इंडेक्स को 55,600–56,100 के जोन में लगातार मज़बूत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा है और यह इसके ऊपर टिकने में नाकाम रहा है।

हाल के सत्र में भी,55,600 के स्तर के पास बिकवाली का दबाव देखने को मिला,जिससे यह संकेत मिलता है कि ऊंचे स्तरों पर सप्लाई मौजूद है। बार-बार हो रहा यह रिजेक्शन दिखाता है कि निकट भविष्य में तेजी सीमित रहने की संभावना है। ऐसे में किसी भी निर्णायक चाल के शुरू होने से पहले एक शॉर्ट टर्म करेक्शन गिरावट या कंसोलीडेशन (consolidation) के फेज से इंकार नहीं किया जा सकता। ट्रेडर्स को सतर्क रहना चाहिए और अहम सपोर्ट स्तरों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।

अहम रेजिस्टेंस: 55,600, 56,100

अहम सपोर्ट: 54,300, 54,000

रणनीति: बैंक निफ्टी फ्यूचर्स को 55,400–55,300 के दायरे में बेचें, 56,000 पर स्टॉप-लॉस रखें और 54,200 का लक्ष्य रखें।

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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।

यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।

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