LAMORC DIGITAL

तेल की कीमतें फिर उबलेंगी?

तेल की कीमतें फिर उबलेंगी?

अमेरिकी क्रूड और ब्रेंट क्रूड की कीमतें गिरने के बावजूद, तेल की कीमतें फिर से उबाल सकती हैं।

  • अमेरिकी क्रूड की कीमतें 3% से अधिक गिरकर प्रति बैरल $101.38 हो गई हैं।
  • ब्रेंट क्रूड की कीमतें करीब 2% फिसलकर $108 पर आ गई हैं।
  • होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे कीमतें बढ़ सकती हैं।
  • अगर होर्मुज स्ट्रेट दूसरी तिमाही तक बंद रहता है, तो मिडिल ईस्ट में प्रोडक्शन साल 2025 के लेवल की तुलना में प्रतिदिन 7.5 लाख बैरल तक घट सकता है।

पाठकों को यह जानना जरूरी है कि तेल की कीमतें फिर से उबाल सकती हैं और इसके पीछे कई कारण हैं। इसलिए, यह जानना जरूरी है कि तेल की कीमतें कैसे प्रभावित होती हैं और इसके पीछे के कारण क्या हैं।

Iran-US War Effect: अमेरिका की सबसे बड़ी तेल और गैस कंपनियों में शुमार एग्जॉन मोबिल (Exxon Mobil) के मुताबिक अभी कच्चे तेल पर मंडराया खतरा अभी दूर नहीं हुआ है। कंपनी के सीईओ डैरेन वुड्स (Darren Woods) का कहना है कि ईरान और अमेरिका के बीच की जंग और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने का पूरा झटका वैश्विक तेल बाजार पर पूरा दिखा ही नहीं है। उनका कहना है कि अगर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बना रहा तो तेल के भाव ऊपर चढ़ सकते हैं। एग्जॉन की पहली तिमाही के अर्निंग्स कॉल में उन्होंने कहा कि अभी तक तो पहले से ही टैंकर में लद चुके तेल, स्ट्रैटेजिक रिजर्व से तेल निकासी और कमर्शियल इंवेंटरी में कमी ने मार्केट को संभाला हुआ है।

सप्लाई बफर ने थाम ली तेल की धार

डैरेन वुड्स का कहना है कि अभी तेल के जो भाव हैं, वह इसकी किल्लत कितनी बड़ी है, उसे पूरी तरह से नहीं दिखा रहा है। अमेरिकी क्रूड शुक्रवार को 3% से अधिक गिरकर प्रति बैरल $101.38 और ब्रेंट क्रूड करीब 2% फिसलकर $108 पर आ गया। वुड्स का कहना है कि तेल के ये भाव पिछले दशक के औसत के अधिक अनुरूप हैं, न कि सप्लाई में आए असाधारण झटके के। वुड्स के मुताबिक सप्लाई चेन की दिक्कतों का असर उन शिपमेंट्स की वजह से कम हुआ, जो लड़ाई शुरू होने के बाद भी बाजार तक पहुंचते रहे। इसके अलावा रणनीतिक भंडार और इंवेंटरी में कमी ने भी सप्लाई को सहारा दिया, लेकिन ये अस्थायी उपाय हैं।

होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से कितना असर और खुला तो कब तक स्थिति सामान्य?

होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई प्रभावित होने से खुद वुड्स की कंपनी को झटका लगा। कंपनी ने चेतावनी दी कि अगर होर्मुज स्ट्रेट दूसरी तिमाही तक बंद रहता है, तो मिडिल ईस्ट में प्रोडक्शन साल 2025 के लेवल की तुलना में प्रतिदिन 7.5 लाख बैरल तक घट सकता है। कंपनी का कहना है कि वैश्विक स्तर पर रिफाइनरियों तक आपूर्ति 2025 की चौथी तिमाही की तुलना में लगभग 3% कम हो जाएगी। सीएनबीसी से बातचीत में वुड्स ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट में रुकावटों के चलते एग्जॉन का 15% प्रोडक्शन प्रभावित हुआ है।

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से गुरुवार तक तेल की कीमतें करीब 57% बढ़ी हैं। अब बात करतें है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट खुलता है तो क्या होगा? वुड्स के मुताबिक फारस की खाड़ी से तेल की सप्लाई को सामान्य होने में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दोबारा खुलने के बाद 1 से 2 महीने लग सकते हैं। टैंकरों को फिर से व्यवस्थित करना होगा और सप्लाई के बैकलॉग को साफ करना होगा। उनका कहना है कि अगर लड़ाई के दौरान स्टॉक खत्म होता है तो सरकारों और कंपनियों को रणनीतिक भंडार और कमर्शियल स्टॉक को फिर से भरना होगा। इससे मांग बढ़ेगी और तेल की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

Jindal Steel आई ₹304 करोड़ के घाटे से ₹1942 करोड़ के मुनाफे में, 4 मई को रहेगी शेयरों पर नजर

Q4 में 69% गिरा मुनाफा, रेवेन्यू में 45% की गिरावट, अब 4 मई को रहेगी शेयरों पर नजर

Build a better, regular income stream with LAMORC DIGITAL. Join as our partner today.

Become Our Partner Now

पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।

यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top