Gold Prices: पूरी बात आसान भाषा में को पढ़ते समय सबसे जरूरी बात यह है कि खबर के मुख्य तथ्य वही रहें, लेकिन पाठक को संदर्भ साफ और सरल भाषा में मिले।
अपडेट को आसान भाषा में समझें
पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
ध्यान देने वाली बातें
- Gold Prices: ईरान तनाव और महंगे तेल के चलते महंगाई की चिंता बढ़ी है, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव बना है।
- निवेशकों को अब लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों का डर सता रहा है।
- Gold Prices: शुक्रवार को सोने की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं दिखा, लेकिन पूरे हफ्ते के हिसाब से गिरावट का रुख बना हुआ है।
- इसकी बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं।
LAMORC DIGITAL का संदर्भ
नीचे दिया गया विस्तृत हिस्सा मूल अपडेट की जानकारी को सुरक्षित रखते हुए रखा गया है, ताकि पाठक पूरी पृष्ठभूमि और जरूरी विवरण एक ही जगह देख सकें।
Gold Prices: शुक्रवार को सोने की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं दिखा, लेकिन पूरे हफ्ते के हिसाब से गिरावट का रुख बना हुआ है। इसकी बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। इसने महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है और यह संकेत दिया है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं।
स्पॉट गोल्ड और फ्यूचर्स में हल्की गिरावट
स्पॉट गोल्ड 0.1 प्रतिशत गिरकर 4,614.98 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यह हफ्ते में करीब 2 प्रतिशत गिरने की ओर बढ़ रहा है और बुधवार को यह एक महीने के निचले स्तर तक पहुंच गया था। वहीं, जून डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.1 प्रतिशत गिरकर 4,626.40 डॉलर पर आ गए।
भारत-चीन में छुट्टी से ट्रेडिंग कमजोर
ट्रेडिंग वॉल्यूम कम रहा क्योंकि दुनिया के दो बड़े सोना उपभोक्ता देशों- चीन और भारत में सार्वजनिक छुट्टियों के कारण बाजार बंद थे। Capital.com के सीनियर एनालिस्ट Kyle Rodda के मुताबिक, एशियाई सेशन में बाजार हल्का रहेगा और फिलहाल निवेशक अगले बड़े संकेत का इंतजार कर रहे हैं।
ईरान-अमेरिका तनाव पर फोकस
भू-राजनीतिक तनाव भी बाजार को प्रभावित कर रहा है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने फिर से हमला किया, तो वह अमेरिकी ठिकानों पर बड़े खौफनाक हमले करेगा। साथ ही उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपना दावा दोहराया है। इस तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई है, क्योंकि इस संकट का समाधान फिलहाल नजर नहीं आ रहा।
महंगाई बढ़ी, ब्याज दरों पर जोखिम
अमेरिका में मार्च महीने में महंगाई बढ़ी, जिसकी बड़ी वजह पेट्रोल की कीमतों में तेजी रही, जो ईरान युद्ध से प्रभावित हुई हैं। इससे यह उम्मीद और मजबूत हुई है कि फेडरल रिजर्व अगले साल तक ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा और दरें ऊंची बनी रह सकती हैं।
रेट कट को लेकर अनुमान बदले
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्मों ने भी अपने अनुमान बदले हैं। पहले जहां 2026 में दो बार ब्याज दर घटने की उम्मीद थी, अब राय बंटी हुई है। कुछ मामूली कटौती की बात कर रहे हैं, तो कुछ बिल्कुल कटौती न होने की संभावना जता रहे हैं। वजह है लगातार बनी हुई महंगाई और सतर्क केंद्रीय बैंक।
दुनिया के बड़े केंद्रीय बैंकों का रुख
यूरोपियन सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड ने भी गुरुवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। इससे पहले फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान भी यही फैसला ले चुके हैं। हालांकि सभी ने साफ किया है कि महंगाई अब भी चिंता का विषय है।
सोने पर ब्याज दरों का असर
सोना आमतौर पर महंगाई से बचाव का साधन माना जाता है। लेकिन जब ब्याज दरें ज्यादा होती हैं, तो सोने की मांग कमजोर पड़ती है, क्योंकि इसमें कोई ब्याज नहीं मिलता। इसी वजह से ऊंची दरें सोने की कीमतों पर दबाव डालती हैं।
अन्य कीमती धातुओं का हाल
अन्य कीमती धातुओं में, स्पॉट सिल्वर 0.4 प्रतिशत बढ़कर 73.99 डॉलर प्रति औंस हो गया। प्लैटिनम 0.2 प्रतिशत गिरकर 1,981.25 डॉलर पर आ गया। पैलेडियम 0.1 प्रतिशत बढ़कर 1,525.36 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
Gold Price Today: लेबर डे को चमका गोल्ड तो फिसली चांदी, दिल्ली से कोलकाता तक अब बिक रहा इस भाव पर
Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Build a better, regular income stream with LAMORC DIGITAL. Join as our partner today.
पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।