बाजार की चाल: अनिश्चितता के बीच कंसोलिडेशन की उम्मीद
बाजार का तकनीकी ढांचा फिलहाल मिला-जुला नजर आ रहा है, जिससे यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में बाजार एक सीमित दायरे में ही कारोबार करेगा। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित डील को लेकर बनी अनिश्चितता, पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल के नतीजे और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों को सतर्क रहने का संकेत दिया है।
निफ्टी का आउटलुक और ट्रेडिंग रणनीति
SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के अनुसार, पिछले पांच ट्रेडिंग सत्रों में निफ्टी 500 अंकों के दायरे में ही घूमता रहा है, जो एक कंसोलिडेशन फेज का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर्स भी साइडवेज़ ट्रेंड की ओर इशारा कर रहे हैं। डेली RSI 59.66–49.21 के जोन में ऊपर-नीचे हो रहा है।
मुख्य स्तर:
- तत्काल रेजिस्टेंस: 24,300–24,350 का जोन।
- संभावित तेजी: 24,350 के ऊपर लगातार ब्रेकआउट होने पर इंडेक्स 24,600 और फिर 24,750 तक जा सकता है।
- तत्काल सपोर्ट: 23,980–23,950 का 20-दिन का EMA जोन।
- अगला सपोर्ट: 23,950 से नीचे गिरने पर 23,800 पर।
ट्रेडिंग सुझाव:
- Nifty फ्यूचर्स को 24,355 के ऊपर खरीदें, 24,150 का स्टॉप-लॉस रखें और 24,650 का लक्ष्य निर्धारित करें।
एलकेपी सिक्योरिटीज के वत्सल भुवा का मानना है कि निफ्टी ने गैप रेजिस्टेंस जोन को टेस्ट करने की कोशिश की, लेकिन बिकवाली के दबाव के कारण यह अपने 50 DMA के पास बंद हुआ, जो ऊपरी स्तरों पर रेजिस्टेंस का संकेत देता है। प्राइस एक्शन पुलबैक के बाद कंसोलिडेशन का सुझाव दे रहा है, जिसमें निचले टाइमफ्रेम पर एक छोटा बढ़ता हुआ स्ट्रक्चर दिख रहा है।
डेरिवेटिव्स डेटा के अनुसार, 24,300 पर सबसे ज़्यादा कॉल ओपन इंटरेस्ट और 24,000 पर सबसे ज़्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट देखा गया, जिससे एक रेंज तय हो गई है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, FOMC मीटिंग के नतीजे और चुनाव के एग्जिट पोल बाजार के मूड को सतर्क रख सकते हैं। निफ्टी के 23,950 और 24,350 के बीच ट्रेड करने की संभावना है, और इस रेंज से बाहर निकलने पर बाजार में एक खास दिशा में हलचल देखने को मिल सकती है।
वत्सल भुवा की रणनीति:
- Nifty futures को 24,150 के स्तर पर गिरावट आने पर खरीदें, 24,000 का स्टॉप-लॉस रखें और 24,450 का लक्ष्य निर्धारित करें। इसमें अधिकतम नुकसान 9,750 रुपये और अधिकतम लाभ 19,500 रुपये हो सकता है।
बैंक निफ्टी: कमजोरी के संकेत और रणनीति
सुदीप शाह के अनुसार, बैंक निफ्टी ने अप्रैल के शुरुआती 11 ट्रेडिंग सत्रों में लगभग 7,500 अंकों की मजबूत वापसी दिखाई थी। हालांकि, पिछले छह सत्रों में इसने फ्रंटलाइन इंडेक्स के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन किया है, जो बैंकिंग सेक्टर में रिलेटिव कमजोरी का संकेत है। इंडेक्स अपने मुख्य मूविंग एवरेज से नीचे फिसल गया है, जो इसकी शॉर्ट-टर्म संरचना में आई गिरावट को दर्शाता है। डेली RSI ने बेयरिश क्रॉसओवर दर्ज किया है और यह नीचे की ओर जा रहा है।
मुख्य स्तर:
- महत्वपूर्ण सपोर्ट एरिया: 54,500–54,400 का जोन (पिछली तेजी के 38.2% फिबोनाची रिट्रेसमेंट के साथ मेल खाता है)।
- संभावित गिरावट: 54,400 के नीचे निर्णायक गिरावट से बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 53,600 के पास अगले अहम सपोर्ट की ओर जा सकता है।
- मज़बूत रुकावट (रेजिस्टेंस): 56,100–56,200 का ज़ोन।
- संभावित तेजी: 56,200 के ऊपर लगातार बढ़त से तेज़ी का मोमेंटम फिर से जाग सकता है, जिससे इंडेक्स 57,000 और फिर 57,600 तक जा सकता है।
सुदीप शाह की रणनीति:
- Bank Nifty futures को 55,950 के ऊपर खरीदें, 55,400 का स्टॉप-लॉस रखें और 57,150 का लक्ष्य निर्धारित करें।
वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी को ऑवरली चार्ट पर अपने 100 SMA के पास बिकवाली के दबाव का सामना करना पड़ा और यह डेली टाइम फ्रेम पर एक बेयरिश कैंडलिस्टिक के साथ बंद हुआ, जो ऊपरी स्तरों पर कमजोरी का संकेत है। ऑवरली चार्ट पर एक हिडन बेयरिश डाइवर्जेंस कमजोरी जारी रहने का संकेत दे रहा है।
वत्सल भुवा की रणनीति:
- ‘बढ़त पर बेचने’ (sell-on-rise) की रणनीति फायदेमंद बनी हुई है, जिसमें 56,200 पर स्टॉप-लॉस होगा।
- तत्काल सपोर्ट: 55,000–54,800।
- रेजिस्टेंस: 55,800 और 56,200 के आसपास।
- ट्रेडिंग सुझाव: Bank Nifty फ्यूचर्स को 55,800 की ओर बढ़त पर बेचें, 56,100 का स्टॉप-लॉस रखें और 55,000 का लक्ष्य निर्धारित करें।
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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।