शेयर बाजार में तेजी की वापसी: क्या है इसके पीछे की वजह?
शेयर बाजार में तेजी की वापसी एक अच्छी खबर है, जो निवेशकों के लिए एक राहत की घोषणा है।
- सेंसेक्स और निफ्टी ने पिछली क्लोजिंग से 1095.6 अंकों और 336.1 अंकों की तेजी देखी है।
- ब्रेंट क्रूड की कीमत में गिरावट से महंगाई बढ़ने की चिंता में कुछ राहत मिली है।
- घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने गिरावट रोकने में मदद की है।
यह जानना जरूरी है कि शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। इसलिए, पैसा लगाने से पहले एक्सपर्ट से सलाह लेना जरूरी है।
एक दिन की गिरावट झेलने के बाद शेयर बाजार में 29 अप्रैल को तेजी लौटी है और यह शानदार है। सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में खुले। इसके बाद सेंसेक्स ने पिछली क्लोजिंग से 1095.6 अंकों की तेजी देखी और 77,982.51 के हाई तक चला गया। इसी तरह निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से लगभग 336.1 अंक उछलकर 24,331.80 के हाई तक गया।
हालांकि अब यह थोड़ा नीचे आया है। ब्रेंट क्रूड में फिर से उछाल की वजह से बाजार में तेजी की रफ्तार धीमी पड़ी। ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। एक दिन पहले यानि कि 28 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजारों में जबरदस्त उठापटक देखने को मिली थी। बाजार लाल निशान में खुले थे, फिर बीच में हरे निशान में आए और फिर गिरावट में बंद हुए। बुधवार की तेजी के पीछे अहम वजह क्या हैं, जानिए…
शेयर बाजार में पिछले कारोबारी सत्र में आई गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की। ऑटो, रियल्टी, IT और FMCG जैसे कुछ प्रमुख सेक्टर्स में वैल्यू बाइंग देखने को मिल रही है। एक दिन पहले सेंसेक्स 416.72 अंकों की गिरावट के साथ 76,886.91 पर और निफ्टी 97 अंकों की गिरावट के साथ 23,995.70 पर बंद हुआ था।
कच्चे तेल की कीमत में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.21 प्रतिशत गिरावट के साथ 111 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। इस नरमी से महंगाई बढ़ने की चिंता में कुछ राहत मिली है। भारत अपनी कच्चे तेल की कुल जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत आयात के जरिए पूरा करता है। लिहाजा कीमत में कमी, इंपोर्ट बिल कम करती है। इससे व्यापार घाटा कम करने में मदद मिलती है और रुपये पर दबाव कम होता है। कंपनियों के लिए इनपुट कॉस्ट भी कम हो जाती है, खासकर ट्रांसपोर्ट, एविएशन और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स में।
एशियाई बाजारों की मजबूती
दूसरे एशियाई बाजारों में आई बढ़त की वजह से भी भारतीय बाजार गुलजार हैं। हेंग सेंग, कॉस्पी, सेट कंपोजिट, शंघाई कंपोजिट, जकार्ता कंपोजिट हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। वहीं निक्केई 225, ताइवान वेटेड में गिरावट है। मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट में बंद हुए थे।
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घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी
यह भी माना जा रहा है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से गिरावट रोकने में मदद मिली। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) मंगलवार को सेलर रहे। उन्होंने 2,103.74 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 1,712.01 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।