इस सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड ने दिया 230% का दमदार रिटर्न, इसको पर को पढ़ते समय सबसे जरूरी बात यह है कि खबर के मुख्य तथ्य वही रहें, लेकिन पाठक को संदर्भ साफ और सरल भाषा में मिले।
अपडेट को आसान भाषा में समझें
पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
ध्यान देने वाली बातें
- अगर आपने 2020 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश किया था, तो अब आपके लिए बड़ी खुशखबरी है।
- सिर्फ कुछ सालों में आपका 1 लाख रुपये का निवेश बढ़कर करीब 3.30 लाख रुपये हो गया है
- सिर्फ 6 सालों में आपका 1 लाख रुपये का निवेश बढ़कर करीब 3.30 लाख रुपये हो गया है।
- अर्ली रिडेम्पशन पर मिल रहे करीब 230% रिटर्न ने इस स्कीम को निवेशकों के लिए जबरदस्त फायदे का सौदा बना दिया है।
LAMORC DIGITAL का संदर्भ
नीचे दिया गया विस्तृत हिस्सा मूल अपडेट की जानकारी को सुरक्षित रखते हुए रखा गया है, ताकि पाठक पूरी पृष्ठभूमि और जरूरी विवरण एक ही जगह देख सकें।
अगर आपने 2020 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश किया था, तो अब आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। सिर्फ 6 सालों में आपका 1 लाख रुपये का निवेश बढ़कर करीब 3.30 लाख रुपये हो गया है। अर्ली रिडेम्पशन पर मिल रहे करीब 230% रिटर्न ने इस स्कीम को निवेशकों के लिए जबरदस्त फायदे का सौदा बना दिया है। क्या आपको बेचकर उठाना चाहिए फायदा या इंतजार करना होगा बेहतर?
रिजर्व बैंक ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2020-21 सीरीज-I के लिए अर्ली रिडेम्पशन का विकल्प खोल दिया है। जिन निवेशकों ने अप्रैल 2020 में इस स्कीम में पैसा लगाया था, वे 28 अप्रैल से अपना निवेश निकाल सकते हैं। इस बार रिडेम्पशन कीमत 15,124 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है।
इस कीमत पर निवेशकों को करीब 230% का शानदार रिटर्न मिल रहा है। यानी अगर किसी ने उस समय 1 लाख रुपये निवेश किए थे, तो अब उन्हें लगभग 3.30 लाख रुपये मिल सकते हैं। यह कीमत 23, 24 और 27 अप्रैल के सोने के औसत भाव के आधार पर तय की गई है।
जब यह बॉन्ड जारी हुआ था, तब इसकी कीमत करीब 4,589 रुपये प्रति ग्राम थी। ऑनलाइन निवेश पर 50 रुपये की छूट के साथ था। ऑफलाइन निवेश करने वालों के लिए कीमत थोड़ी ज्यादा यानी 4,639 रुपये प्रति ग्राम थी। SGB की रिडेम्पशन कीमत 999 शुद्धता वाले सोने के पिछले तीन कारोबारी दिनों के औसत भाव पर तय होती है, जिसे इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) जारी करता है।
टैक्स से जुड़ी अहम बात
हाल ही में टैक्स नियमों में बदलाव किया गया है। अब अगर आप मैच्योरिटी यानी 8 साल से पहले SGB को रिडीम करते हैं, तो आपको कैपिटल गेन टैक्स देना होगा। टैक्स में छूट सिर्फ उन्हीं निवेशकों को मिलेगी, जो बॉन्ड को पूरे 8 साल तक होल्ड करेंगे।
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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।