वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा-IDBI Bank में विनिवेश को पढ़ते समय सबसे जरूरी बात यह है कि खबर के मुख्य तथ्य वही रहें, लेकिन पाठक को संदर्भ साफ और सरल भाषा में मिले।
अपडेट को आसान भाषा में समझें
पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
ध्यान देने वाली बातें
- वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 24 अप्रैल को कहा कि IDBI Bank में सरकार की हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया में हो रही देर के बारे में पहले बताया गया है।
- वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 24 अप्रैल को कहा कि आईडीबीआई बैंक विनिवेश की प्रक्रिया जारी रहेगी।
- शेयर 8 फीसदी बढ़कर एक महीने के सबसे ऊंचे स्तर 79.90 रुपये तक पहुंच गया।
- हालांकि, बाद में तेजी में कुछ हो गई।
LAMORC DIGITAL का संदर्भ
नीचे दिया गया विस्तृत हिस्सा मूल अपडेट की जानकारी को सुरक्षित रखते हुए रखा गया है, ताकि पाठक पूरी पृष्ठभूमि और जरूरी विवरण एक ही जगह देख सकें।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 24 अप्रैल को कहा कि आईडीबीआई बैंक विनिवेश की प्रक्रिया जारी रहेगी। इससे बैंक के शेयरों में उछाल आया। शेयर 8 फीसदी बढ़कर एक महीने के सबसे ऊंचे स्तर 79.90 रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, बाद में तेजी में कुछ हो गई। 2:20 मिनट पर बैंक का शेयर 3.24 फीसदी चढ़कर 76.12 रुपये पर चल रहा था। वित्तमंत्री ने एसबीआई के एक प्रोग्राम से इतर यह बात कही।
सरकार बेचना चाहती है 30 फीसदी हिस्सेदारी
निर्मला सीतारमण ने कहा कि IDBI Bank में सरकार की हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया में हो रही देर के बारे में पहले बताया गया है। उन्होंने कहा, “फिर भी हम (विनिवेश) आगे बढ़ेंगे।” सरकार आईडीबीआई बैंक में अपनी 30.48 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है। LIC आईडीबीआई बैंक में अपनी 30.24 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। वित्तमंत्री के इस बयान के बाद आईडीबीआई बैंक के शेयरों में तेजी आई। बैंक के करीब 36 करोड़ शेयरों में ट्रेडिंग हुई, जो 23 अप्रैल को इस समय तक की ट्रेडिंग के मुकाबले 14 गुना है।
पीएसयू बैंकों के कंसॉलिडेशन पर विचार करेगी कमेटी
वित्तमंत्री स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के एक लोकल हेड ऑफिस के उद्घाटन के लिए पुणे में थीं। इस कार्यक्रम से इतर उन्होंने यह भी कहा कि एक उच्च-स्तरीय बैंकिंग कमेटी सरकार बैंकों के कंसॉसिडेशन के मसले पर विचार करेगी। उन्होंने फरवरी में कहा था कि कमेटी के टर्म्स ऑफ रेफरेंसेज जल्द फाइनल हो जाएंगे। लेकिन, अब तक इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
अभी वित्त मंत्रालय में कंसॉलिडेशन पर विचार नहीं
सीतामरण ने कहा कि वित्त मंत्रालय के पास अभी कंसॉलिडेशन के बारे में कुछ नहीं है। वित्त मंत्री नहीं चाहती थीं कि कंसॉलिडेशन या बैंकअश्योरेंस के लिए एक यूनिक पार्टनर से जुड़ी कमेटी की चर्चा पर उनके बयान का कोई असर पड़े। उन्होंने कहा कि कमेटी बैंकों के इंश्योरेंस और इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स बेचने के ओपन आर्किटेक्चर पर विचार करेगी। इससे बैंकों को ऐसे प्रोडक्ट्स के लिए एक से ज्यादा कंपनी के साथ समझौते की इजाजत मिलेगी।
पहले आए बिड रिजर्व प्राइसे काफी कम अमाउंट के थे
सूत्रों ने इस महीने की शुरुआत में पीटीआई को बताया था कि सरकार ने आईडीबीआई बैंक के लिए संभावित बिडर्स को संशोधित बिड पेश करने को कहा होगा, क्योंकि ऑरिजिनल बिड्स अमाउंट पहले से तय रिजर्व प्राइस के मुकाबले काफी कम थे। एक सीनियर अफसर ने पीटीआई को बताया था कि आईडीबीआई बैंक की स्ट्रेटेजिक सेल टेक्निकल इवैल्यूएशन स्टेज में है। बताया जाता है कि प्रेम वत्स की अगुवाई वाला फेयरफैक्स ग्रुप और एमिरेट्स एनबीडी ने आईडीबीआई में रणनीतिक हिस्सेदारी खरीदने के लिए बोली लगाई थी।
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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।