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Sovereign Gold Bond: पूरी बात आसान भाषा में

Sovereign Gold Bond: पूरी बात आसान भाषा में को पढ़ते समय सबसे जरूरी बात यह है कि खबर के मुख्य तथ्य वही रहें, लेकिन पाठक को संदर्भ साफ और सरल भाषा में मिले।

अपडेट को आसान भाषा में समझें

पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।

ध्यान देने वाली बातें

  • RBI भारत सरकार की तरफ से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (SGB) इश्यू करता है।
  • मैच्योरिटी से पहले एग्जिट के लिए रिडेम्प्शन प्राइस का कैलकुलेशन रिडेम्प्शन से पहले के तीन कारोबारी दिनों के 999…
  • सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (एसजीबी) की दो किस्तें मैच्योरिटी से पहले रिडेम्प्शन के लिए खुल गई हैं।
  • आरबीआई ने इस बारे में रिलीज जारी की है।

LAMORC DIGITAL का संदर्भ

नीचे दिया गया विस्तृत हिस्सा मूल अपडेट की जानकारी को सुरक्षित रखते हुए रखा गया है, ताकि पाठक पूरी पृष्ठभूमि और जरूरी विवरण एक ही जगह देख सकें।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (एसजीबी) की दो किस्तें मैच्योरिटी से पहले रिडेम्प्शन के लिए खुल गई हैं। आरबीआई ने इस बारे में रिलीज जारी की है। इसके मुताबिक, एसजीबी 2020-21 सीरीज-VII इश्यू और एसजीबी 2018-19 सीरीज-II इश्यू रिडेम्प्शन के लिए खुली हैं। एसजीबी का मैच्योरिटी पीरियड 8 साल है। लेकिन, पांच साल के बाद इनवेस्टर्स को स्कीम से पैसे निकालने का विकल्प मिलता है।

SGB के निवेशकों को सोने की कीमतों में उछाल से फायदा

RBI भारत सरकार की तरफ से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (SGB) इश्यू करता है। मैच्योरिटी से पहले एग्जिट के लिए रिडेम्प्शन प्राइस का कैलकुलेशन रिडेम्प्शन से पहले के तीन कारोबारी दिनों के 999 प्योरिटी के गोल्ड के एवरेज प्राइस के आधार पर होता है। आरबीआई ने फरवरी 2024 के बाद से एसजीबी की नई किस्त पेश नहीं की है। माना जाता है कि पिछले कुछ सालों में सोने की कीमतों में आए उछाल से इस स्कीम में सरकार को काफी घाटा हो रहा था।

फरवरी 2024 से एसजीबी की नई किस्त नहीं आई है

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि अब एसजीबी की कोई किस्त आने वाली है। यह काफी महंगा हो गया है। सरकार पहले जारी किस्तों को मैच्योर होने का इंतजार करेगी और मैच्योरिटी से पहले रिडेम्प्शन की इजाजत देगी।” इस साल रिडेमप्शन के लिए खुलने के बाद एसजीबी की कई किस्तों के निवेशकों ने पैसे निकाले हैं। इसकी वजह रिडेम्प्शन पर मिलने वाला अच्छा मुनाफा है।

इनवेस्टर्स को मिल रहा 200 फीसदी प्रॉफिट

इसे एक उदाहरण की मदद से समझा जा सकता है। मान लीजिए एसजीबी 2020–21 सीरीज-VII की रिडेम्प्शन की तारीख 20 अप्रैल है। इस सीरीज के लिए रिडेम्प्शन का प्राइस प्रति यूनिटन 15,554 रुपये तक किया गया है। इस किस्त का इश्यू प्राइस प्रति यूनिट 5,051 रुपये था। ऑनलाइन अप्लाई करने पर इस प्राइस पर इनवेस्टर्स को प्रति यूनिट 50 रुपये का डिस्काउंट मिला था। इस सीरीज के निवेशकों का रिटर्न तीन गुना होगा। इस रिटर्न में 2.5 फीसदी की इंटरेस्ट इनकम शामिल नहीं है।

गोल्ड की कीमतों से लिक्ड है एसजीबी

एसजीबी पर इस शानदार रिटर्न की वजह 2020 से गोल्ड की कीमतों में आया उछाल है। एसजीबी गोल्ड के मार्केट प्राइस से लिंक्ड है। अगर गोल्ड की कीमतें बढ़ती हैं तो एसजीबी के निवेशकों का रिटर्न बढ़ता है। एसजीबी की शुरुआती किस्तों के निवेशकों को गोल्ड की कीमतों में आई तेजी का बड़ा फायदा मिला है। कई निवेशकों ने तो निवेश पर कई गुना रिटर्न कमाया है।

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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।

यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।

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