भारतीय इक्विटी बेंचमार्क की शुरुआत नकारात्मक हो सकती है
भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स BSE सेंसेक्स और Nifty 50 की शुरुआत आज नकारात्मक हो सकती है। जानकारी के मुताबिक, GIFT Nifty 217 अंक यानी 0.89 फीसदी की गिरावट के साथ 24,145 के आसपास कारोबार कर रहा है।
- भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स BSE सेंसेक्स और Nifty 50 की शुरुआत आज नकारात्मक हो सकती है।
- GIFT Nifty 217 अंक यानी 0.89 फीसदी की गिरावट के साथ 24,145 के आसपास कारोबार कर रहा है।
- एशियाई बाजार कमजोर कारोबार कर रहे हैं।
- US मार्केट में तेज़ी आई, जिससे S&P 500 और Nasdaq रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुए।
पाठकों को यह जानकारी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उन्हें भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों के हालात के बारे में जानने में मदद करेगी। यह जानकारी उन्हें अपने निवेश निर्णय लेने में भी सहायक हो सकती है।
Market news: भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स BSE सेंसेक्स और Nifty 50, 23 अप्रैल को नकारात्मक शुरुआत कर सकते हैं। GIFT Nifty 217 अंक यानी 0.89 फीसदी की गिरावट के साथ 24,145 के आसपास कारोबार करते हुए कुछ ऐसे ही संकेत दे रहा है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
भारतीय इक्विटी बेंचमार्क ने 22 अप्रैल को अपनी तीन दिन की बढ़त का सिलसिला तोड़ दिया। IT की बड़ी कंपनियों में बिकवाली के दबाव तथा भू-राजनीतिक घटनाओं को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच इनमें लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 756.84 अंक या 0.95 प्रतिशत गिरकर 78,516.49 पर और निफ्टी 198.5 अंक या 0.81 प्रतिशत गिरकर 24,378.10 पर बंद हुआ।
सुबह 08:13 बजे के आसपास GIFT Nifty 217 अंक यानी 0.89 फीसदी की गिरावट के साथ 24,145 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए खराब संकेत है।
एशियाई बाजार कमजोर कारोबार कर रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी 217 अंक यानी 0.89 फीसदी की गिरावट के साथ 24,145 के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं,जापान के निक्केई में 1.04 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स 1.00 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। हैंग सेंग में 0.71 फीसदी की गिरावट है। वहीं,ताइवानी बाजार में 0.13 फीसदी की गिरावट दिख रही है। हालांकि, कोस्पी में 0.28 फीसदी की तेजी है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.40 फीसदी की कमजोरी नजर आ रही है।
बुधवार को US मार्केट में तेज़ी आई,जिससे S&P 500 और Nasdaq रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुए। यह तेज़ी US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ सीज़फ़ायर बढ़ाने के फ़ैसले के बाद आई। कंपनियों के अच्छे नतीजों ने भी बाजार में जोश भर दिया।
डाओ जोन्स 340.65 अंक या 0.69% बढ़कर 49,490.03 पर पहुंच गया। S&P 500 में 73.89 अंकों या 1.05% की बढ़त हुई और यह 7,137.90 पर बंद हुआ। वहीं नैस्डैक कंपोजिट 397.60 अंक या 1.64 फीसदी बढ़कर 24,657.57 पर पहुंच गया।
डॉलर इंडेक्स में बहुत कम बदलाव देखने को मिला है। इसने शुरुआती गिरावट की भरपाई कर ली है जो अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष-विराम की अवधि बढ़ाए जाने के कारण आई थी। हालांकि,दोनों देश शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए आपस में मिल नहीं पाए। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 98.56 पर दिख रहा है।
10-ईयर और 2-ईयर ट्रेजरी पर यील्ड मामूली रूप से बढ़कर 4.31% और 3.80% हो गई है।
गुरुवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई मुद्राएं मिले-जुले रुख के साथ ट्रेड करती दिखीं। इनमें फिलीपीन पेसो सबसे ज़्यादा गिरावट वाली मुद्रा रही,जिसके बाद इंडोनेशियाई रुपिया,मलेशियाई रिंगिट और थाई बहत का नंबर रहा।
ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता रुक जाने के बावजूद तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। दोनों देशों ने होर्मुज़ स्ट्रेट के रास्ते होने वाले ट्रेड पर प्रतिबंध बनाए रखे हैं। WTI क्रूड में 0.48 फीसदी और ब्रेंट क्रूड में 0.32 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।
आज सोने की कीमतों में ज़्यादा बदलाव नहीं हुआ है। अमेरिका द्वारा ईरान के साथ संघर्ष-विराम की अवधि बढ़ाए जाने से ग्लोबल मार्केट होर्मुज़ स्ट्रेट की नाकेबंदी की समस्या से जूझ रहे हैं, इससे एनर्जी सिक्योरिटी प्रभावित हो रही है और महंगाई का जोखिम भी हाई बना हुआ है। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.20 फीसदी और सिल्वर में 0.22 फीसदी की गिरावट आई है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 22 अप्रैल को लगातार तीसरे सत्र में अपनी बिकवाली जारी रखी और 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेच दिए। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (जो पिछले दो दिनों से शुद्ध खरीदार बने हुए थे) ने अपना रुख बदल लिया और शुद्ध विक्रेता बन गए। इन्होंने 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेच दिए।
HDFC और ICICI Bank में FIIs ने की भारी बिकवाली, Q4 में फाइनेंशियल स्टॉक्स की कुल बिकवाली में 75% रही इनकी हिस्सेदारी
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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।