NSE को-लोकेशन मामले में ₹1800 करोड़ के सेटलमेंट की सिफारिश
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को-लोकेशन मामले में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सेबी की एक उच्च-शक्ति सलाहकार समिति (HPAC) ने इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद को सुलझाने के लिए ₹1800 करोड़ के भुगतान की सिफारिश की है। यह सिफारिश दुनिया के सबसे बड़े डेरिवेटिव्स एक्सचेंज को बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के साथ अपने कानूनी मुद्दों को हल करने के करीब ला सकती है। इस मामले में गवर्नेंस से जुड़ी खामियों और सभी ट्रेडिंग सदस्यों को समान पहुंच न देने के आरोपों के कारण NSE का आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) लगभग एक दशक से रुका हुआ है।
सेबी समिति की सिफारिशें और भुगतान की संरचना
सूत्रों के अनुसार, सेबी की HPAC ने NSE के को-लोकेशन मामले के निपटारे के लिए ₹1,800 करोड़ से अधिक की राशि का सुझाव दिया है। इस सिफारिश को अंतिम रूप देने के लिए सेबी के दो पूर्णकालिक सदस्यों की मंजूरी आवश्यक होगी। प्रस्तावित ₹1800 करोड़ में से, ₹1200 करोड़ ‘डिस्गॉर्जमेंट’ (अवैध रूप से कमाए गए धन की वापसी) के रूप में, ₹400 करोड़ ब्याज के तौर पर और शेष राशि समझौते की अन्य शर्तों के तहत तय की जाएगी।
यह ध्यान देने योग्य है कि NSE ने पिछले साल 20 जून को सेबी के पास एक सेटलमेंट आवेदन दायर किया था, जिसमें मामले को समाप्त करने के लिए ₹1,387.39 करोड़ की पेशकश की गई थी। इस राशि में से लगभग ₹600 करोड़ पहले ही एक एस्क्रो खाते में जमा किए जा चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि शेष राशि का भुगतान अंतिम नोटिस जारी होने पर किया जाएगा।
NSE को-लोकेशन मामला: क्या है विवाद?
NSE पर यह आरोप है कि उसने कुछ चुनिंदा ब्रोकर्स को बाजार से जुड़े डेटा तक तेज गति और प्राथमिकता के साथ पहुंच प्रदान की, जिससे उन्हें ट्रेडिंग में अनुचित लाभ मिला। इस मामले से जुड़ी लंबी कानूनी प्रक्रिया के कारण NSE का IPO लंबे समय से अटका हुआ था। पिछले साल समझौते के लिए आवेदन करने के बाद, IPO का रास्ता अब साफ होता दिख रहा है।
IPO की तैयारी और भविष्य की योजनाएं
NSE अपने IPO को प्रबंधित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। पिछले महीने, एक्सचेंज ने इस प्रक्रिया के लिए 20 बैंकों को नियुक्त किया है, जो भारत में किसी भी IPO के लिए अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज के रूप में, NSE भारत की सबसे बड़ी अनलिस्टेड कंपनियों में से एक है, जिसके लगभग 1.90 लाख निवेशक हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, IPO के प्रबंधन के लिए नियुक्त बैंकों ने मौजूदा निवेशकों को अपने शेयर बेचने के लिए आमंत्रित किया है, जिसकी अंतिम तिथि 27 अप्रैल है।
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पाठकों को इसे टैक्स और अनुपालन से जुड़े अपडेट के रूप में देखना चाहिए, न कि व्यक्तिगत सलाह के रूप में।
यह लेख उपलब्ध स्रोत-सूचना के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए है। इसे कानूनी, टैक्स, निवेश या वित्तीय सलाह न माना जाए।